10 से 2 बजे तक लगती है ‘जनता अदालत’: फरियादियों की बात सुन मौके पर ही हो रहा इंसाफ
टैंपो की धोखाधड़ी में फंसे गरीब कमाल हसन को महज कुछ घंटों में दिलाया न्याय, दबंग का घमंड चकनाचूर
मीरगंज (बरेली)।

“कानून का डर अपराधियों में हो और विश्वास आम जनता के दिल में” — इस पंक्ति को थाना मीरगंज प्रभारी निरीक्षक (SHO) रवि कुमार पूरी निष्ठा के साथ धरातल पर सच कर दिखाते नज़र आ रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व में मीरगंज पुलिस की एक ऐसी जनमित्र छवि बनकर उभरी है, जिसकी चर्चा आज पूरे जिले में हो रही है। थाना प्रभारी रवि कुमार रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक थाने में विशेष जनसुनवाई करते हैं। इस दौरान वे किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह फरियादियों की एक-एक बात बेहद ध्यान और सहानुभूति से सुनते हैं।
मामला 14 किस्तों की धोखाधड़ी का: दबंग बोला—’मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’
त्वरित न्याय का ताज़ा और मिसाली मामला ग्राम पैगानगरी से सामने आया है। यहाँ के निवासी पीड़ित कमाल हसन ने बताया कि वे एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने मीरगंज के भूपेंद्र नामक व्यक्ति से एक टैंपो खरीदा था। सौदे के वक्त भूपेंद्र ने आश्वस्त किया था कि कुल 48 किस्तों में से 14 जमा हो चुकी हैं और शेष 34 किस्तें कमाल हसन को भरनी होंगी।
लेकिन गाड़ी हाथ में आते ही आरोपी भूपेंद्र अपनी बात से पलट गया और कमाल हसन पर अनुचित दबाव बनाते हुए किस्तें जमा करने में आनाकानी करने लगा। जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपी ने दबंगई दिखाते हुए साफ कह दिया, “जहाँ जाना है जाओ, पुलिस-प्रशासन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
थाना प्रभारी की चौखट पर पहुँचे पीड़ित, घंटों में मिला न्याय
शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके कमाल हसन कल आस की आखिरी किरण लेकर थाना प्रभारी रवि कुमार की जनसुनवाई में पहुँचे। मामला सुनते ही थाना प्रभारी ने बिना एक पल की देरी किए कड़ा रुख अपनाया और आरोपी को तलब किया।
अपनी प्रशासनिक सूझबूझ और निष्पक्षता के बल पर उन्होंने महज कुछ ही घंटों के भीतर मामले का दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए पीड़ित को पूरी तरह न्याय दिलाया। न्याय मिलने के बाद पीड़ित कमाल हसन की आँखों में खुशी के आँसू आ गए और उन्होंने थाना प्रभारी को दिल से दुआएं दीं।
सालों भटकने वाले गरीबों का बन रहे सहारा
विश्वसनीय सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जो गरीब लोग सालों-साल थाने और कचहरी के चक्कर काटने के बाद भी न्याय के लिए तरस जाते थे, उनके लिए प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार किसी मसीहा से कम साबित नहीं हो रहे हैं।
वे अपनी तीक्ष्ण कार्यशैली से मामलों को उलझने के बजाय तुरंत सुलझाते हैं, जिससे गरीब जनता का कोर्ट-कचहरी में होने वाला शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण बंद हो गया है।
थाना प्रभारी रवि कुमार के इस जनहितैषी और सख्त रुख से जहाँ अपराधियों व दबंगों के हौसले पस्त हैं, वहीं आम जनता और आला अधिकारियों के बीच थाना मीरगंज पुलिस की साख लगातार बुलंदियों पर पहुँच रही है।
संवाददाता: लादेन मंसूरी




