गणेशोत्सव से पहले वसई-विरार की सड़कें हों गड्ढामुक्त, विधायक विलास तरे ने उठाई मांग |

Share:

मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. को सौंपा लिखित निवेदन, प्रमुख और आंतरिक मार्गों की तत्काल मरम्मत की मांग

विरार: आगामी गणेशोत्सव को देखते हुए वसई, नालासोपारा और विरार क्षेत्र की खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें गड्ढामुक्त और सुरक्षित बनाने की मांग शिवसेना विधायक विलास तरे ने की है। इस संबंध में उन्होंने वसई-विरार शहर महानगरपालिका के आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. को लिखित निवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

बारिश से कई सड़कों की हालत खराब

विधायक विलास तरे के मुताबिक, मनपा के एफ, जी और सी प्रभाग समेत पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों के कई हिस्सों में सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि कई जगह सड़क की ऊपरी परत भी उखड़ चुकी है।

इससे कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

गणेशोत्सव से पहले जुलूस मार्गों की मरम्मत जरूरी

गणेशोत्सव के दौरान गणेश प्रतिमाओं के आगमन और विसर्जन जुलूस, धार्मिक कार्यक्रमों तथा बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रमुख और आंतरिक सड़कों का सुरक्षित एवं बेहतर स्थिति में होना जरूरी है।

विधायक तरे ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क निरीक्षण कर खराब मार्गों की पहचान करने और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता के लिए गड्ढे भरने के बजाय जरूरत के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सड़क मरम्मत की जानी चाहिए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित जलनिकासी की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया।

इन क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता देने की मांग

विधायक विलास तरे ने राजावली, वसई फाटा, गवराई पाड़ा, वाकणपाड़ा, संतोष भवन, वालीव, भोयदापाड़ा, सातिवली, धानिव, पेल्हार, गोखिवरे और शिरसाड क्षेत्रों के मुख्य, आंतरिक और औद्योगिक मार्गों के साथ-साथ गणेशोत्सव जुलूस के रास्तों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने की मांग की है।

उन्होंने सभी आवश्यक सड़क मरम्मत और जलनिकासी संबंधी कार्य गणेशोत्सव शुरू होने से पहले पूरा करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं, नागरिकों और वाहन चालकों को उत्सव के दौरान सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके।

Share: