वाराणसी, 6 सितंबर 2026: महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में वाराणसी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाया गया। परमपूज्य जगद्गुरु साईं माँ के ‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ कार्यक्रम के तहत कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने वाली पहली तीन युवतियों के साथ-साथ फुल-टाइम नौकरी हासिल करने वाली नौ युवतियों को सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम वर्ष 2024 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य वाराणसी के पिछड़े समुदायों की युवतियों को कॉलेज शिक्षा, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, मेंटरशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें गरीबी की बाधाओं से बाहर निकलने में मदद करना है।
तीन युवतियों ने हासिल की कॉलेज डिग्री
सिगरा स्थित ‘अस्मिता’ संस्था के प्रांगण में आयोजित सम्मान समारोह में तीन ग्रेजुएट युवतियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
- कोमल कुमारी ने सुधाकर महिला पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से होम साइंस और सोशियोलॉजी में डिग्री हासिल की।
- साक्षी ने संजय मेमोरियल कॉलेज से फिजिक्स और केमिस्ट्री में डिग्री प्राप्त की।
- नागिता कुमारी ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से सोशियोलॉजी और साइकोलॉजी में डिग्री हासिल की।
इन युवतियों की शैक्षणिक उपलब्धि को कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया।
नौ युवतियों को नौकरी हासिल करने पर सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेशनल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद फुल-टाइम नौकरी हासिल करने वाली नौ युवतियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें नेहा जहाँ, सलोनी भारती, खुशबू सरोज, अनुपमा, नैन्सी कुमारी, सपना, नेहा कुमारी, वर्षिका गोंड और मुस्कान शामिल रहीं।
शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही युवतियां
‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ शक्तिधाम आश्रम का एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसे युवतियों को कॉलेज में दाखिले से लेकर ग्रेजुएशन और रोजगार हासिल करने तक निरंतर सहयोग देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से युवतियों को शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक कौशल, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, मेंटरशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवतियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके समुदायों में शिक्षित एवं सशक्त महिलाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई मिसाल
2,400 साल से अधिक पुरानी विष्णुस्वामी परंपरा में जगद्गुरु के तौर पर पहचानी जाने वाली पहली महिला के रूप में परमपूज्य जगद्गुरु साईं माँ ने महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक बाधा को पार किया है। ‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ कार्यक्रम के जरिए इसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन युवतियों की शैक्षणिक और व्यावसायिक उपलब्धियां न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को मजबूत कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं के लिए भी नई संभावनाओं और आत्मनिर्भरता के रास्ते खोल रही हैं।



