कर्मचारी नेता प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, लंबित मांगों के समाधान की मांग
पटना, ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद: बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) ने राज्य के कर्मचारियों और शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार से वार्ता की मांग की है। महासंघ के महासचिव एवं कर्मचारी नेता प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी 11 सूत्री मांगों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित करने का आग्रह किया है।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
महासंघ ने NPS समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, केंद्र के अनुरूप मकान किराया भत्ता बढ़ाने और सभी कर्मचारियों को परिवहन भत्ता देने की मांग की है।
इसके अलावा संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की सेवा स्थायी करने तथा नियोजित शिक्षकों को बिना परीक्षा लिए राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग भी शामिल है।
शिक्षकों को TET से छूट और समान वेतन की मांग
महासंघ ने वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को TET से मुक्त करने और समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग उठाई है।
साथ ही पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी और ANM की पदस्थापना उनके गृह जिले में करने की मांग भी पत्र में रखी गई है।
मौसमी कर्मियों और किसान सलाहकारों के लिए भी मांग
महासंघ ने डीडीटी के मौसमी छिड़काव कर्मियों तथा सिंचाई विभाग में कार्यरत मौसमी कर्मियों की सेवा स्थायी करने की मांग की है।
वहीं किसान सलाहकारों को जनसेवक संवर्ग के रिक्त पदों पर समायोजित करने तथा ग्रामीण आवास सहायक और पर्यवेक्षकों की सेवा स्थायी करने की मांग भी की गई है।
मानदेय और सेवा नियमित करने पर जोर
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कार्यरत सभी कर्मियों के मानदेय का पुनरीक्षण करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पशुपालन विभाग में कार्यरत टीकाकर्मियों और पशु मैत्री की सेवा स्थायी करने की मांग भी महासंघ ने उठाई है।
कार्यपालक सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवा नियमित करने तथा BSWAN कर्मियों और BRC में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों को आउटसोर्सिंग एजेंसी से मुक्त कर सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी पत्र में शामिल है।
पदोन्नति और वेतनमान से जुड़ी मांगें
महासंघ ने लेखा लिपिक, अनुरेखक, नीलचित्रक और ITI के वरीय ग्रुप अनुदेशकों सहित अन्य कर्मियों को संवर्गीय पदोन्नति देने की मांग की है।
इसके अलावा कमांड कर्मियों को 1 जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतनमान और MACP का लाभ देने तथा सभी संविदा एवं स्कीम कर्मियों को जीवनयापन योग्य पारिश्रमिक उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
महासंघ ने सभी संबंधित कर्मियों को EPF और ESIC के दायरे में लाने की भी मांग रखी है।
लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों में निराशा
महासंघ के अनुसार, कर्मचारियों और शिक्षकों की इन मांगों को लेकर संगठन की ओर से समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा है। इसके बावजूद कई मांगों का अब तक समाधान नहीं हो सका है।
महासंघ का कहना है कि लंबित मांगों के कारण राज्य के लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों में हताशा एवं निराशा का माहौल है। संगठन ने मुख्यमंत्री से जल्द समय निर्धारित कर प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करने और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया है।
ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद



