17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान; तालुका स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर और गांव-गांव जनभागीदारी वाले कार्यक्रम होंगे आयोजित
पालघर, 17 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। राज्यभर में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा।
महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के 9 सितंबर 2026 के शासन निर्णय के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों तक विभिन्न सरकारी सेवाओं का सीधा लाभ पहुंचाना और प्रशासनिक योजनाओं में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
तालुका स्तर पर लगेंगे ‘सेवा सेतु’ शिविर
अभियान के तहत प्रत्येक तालुका स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और प्रमाणपत्रों से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इनमें लंबित फेरफार नोंद, जीवित सातबारा, स्वामित्व सनद, खेत एवं पाणंद सड़क, राशन कार्ड, नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र और वन अधिकार दावों जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा नए नल कनेक्शन, संपत्ति कर, बिजली कनेक्शन, दिव्यांग प्रमाणपत्र, विवाह पंजीकरण, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, लर्निंग लाइसेंस, महिला बचत समूह पंजीकरण और वरिष्ठ नागरिक प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को भी अभियान से जोड़ा गया है।
वन अधिकार दावों के निपटारे पर जोर
अभियान के दौरान वन अधिकार दावों से संबंधित प्रक्रिया को गति देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके तहत नए दावों को स्वीकार करने, लंबित दावों पर कार्रवाई करने और मंजूर किए गए दावों के अनुसार अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की योजना है।
गांव और वाडा स्तर पर होंगे सेवा उपक्रम
‘सेवा माझे योगदान’ पहल के तहत गांव और वाडा स्तर पर युवाओं, महिलाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी से विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जांच, योग-ध्यान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महिला स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जनजागरूकता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
विद्यार्थियों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी आयोजन
अभियान के दौरान स्कूलों में ‘विकसित भारत’ विषय पर चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
वहीं, आंगनवाड़ी उत्सव के माध्यम से माताओं और बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी देने और आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका तथा आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान करने की योजना है।
‘सेवा ज्योत यात्रा’ और ‘नमो सेवागाथा’ कार्यक्रम
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सेवा ज्योत यात्रा’ और शहरी क्षेत्रों में बाइक रैली आयोजित कर ‘विकसित भारत 2047’ तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
तालुका स्तर पर ‘नमो सेवागाथा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की सफलता की कहानियों को वीडियो और रील्स के माध्यम से संकलित कर प्रचारित करने की भी योजना है।
जिला स्तर पर होगी निगरानी
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए जिला, विभागीय और राज्य स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। जिला स्तर पर जिलाधिकारी, विभागीय स्तर पर विभागीय आयुक्त और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समितियां अभियान की निगरानी करेंगी।
संबंधित विभागों को अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के फोटो, वीडियो और रील्स संकलित कर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
‘जनसेवक महाकुंभ’ से होगा अभियान का समापन
अभियान के अंत में ‘जनसेवक महाकुंभ’ आयोजित कर इसकी सांगता की जाएगी। इसके साथ ही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और परिवर्तनकारी कार्यों की जानकारी संकलित कर उन्हें व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की योजना है।




