हाईप्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में रही भीड़; डॉक्टर, शिवसेना पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक रहे मौजूद
पालघर। पालघर शहर के रिलीफ हॉस्पिटल में हुए कथित राडा प्रकरण की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी राहुल घरत को न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। वहीं, अन्य आरोपियों की पुलिस हिरासत में दो दिनों की और बढ़ोतरी की गई है।
रिलीफ हॉस्पिटल में हुई घटना के बाद से यह मामला पालघर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोपियों पर कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मामला चर्चित होने के कारण डॉक्टरों के साथ शिवसेना के पदाधिकारी, शिवसैनिक, कार्यकर्ता और आम नागरिक भी न्यायालय परिसर में पहुंचे। इसके चलते कुछ समय के लिए परिसर में भीड़ और हलचल का माहौल रहा। पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई।
राहुल घरत न्यायिक हिरासत में
मुख्य आरोपी राहुल घरत को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। अब उनके संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायिक हिरासत के तहत चलेगी।
वहीं, अन्य आरोपियों से पूछताछ और मामले की जांच के लिए पुलिस को अतिरिक्त समय की आवश्यकता होने की जानकारी न्यायालय के समक्ष रखी गई। इसके बाद अन्य आरोपियों की पुलिस हिरासत में दो दिनों की बढ़ोतरी की गई है।
आगे की जांच पर नजर
अतिरिक्त पुलिस हिरासत के दौरान जांच अधिकारी घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेंगे। पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों, घटनाक्रम और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर पूछताछ आगे बढ़ाई जाएगी।
दो दिनों की अतिरिक्त पुलिस हिरासत के दौरान जांच में क्या जानकारी सामने आती है और मामले में आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।
न्यायालयीन प्रक्रिया जारी
मामले में आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
पुलिस जांच, न्यायालयीन सुनवाई और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।




