मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के पास सोशल मीडिया पर वायरल हुई सूचना; संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण करेगा वन विभाग
मनोर, 27 सितंबर: मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे पालघर तालुका के दुर्वेस गांव के चाचू पाड़ा क्षेत्र में पट्टीदार बाघ दिखाई देने की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, वन विभाग ने ऐसी किसी आधिकारिक सूचना से इनकार करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी को अफवाह बताया है। विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों में दावा किया जा रहा है कि दुर्वेस गांव के चाचू पाड़ा क्षेत्र में एक मोड़ के पास पट्टीदार बाघ दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील भी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है। इन संदेशों में लोगों से जंगल या खेती के क्षेत्र में जाते समय सतर्क रहने, रात में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने तथा घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग ने बताया अफवाह
इस मामले में दहिसर वन परिक्षेत्र के वनक्षेत्रपाल हृषीकेश वाघमारे ने बताया कि पट्टीदार बाघ दिखाई देने की कोई आधिकारिक सूचना वन विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी को अफवाह बताया।
वन विभाग के अनुसार, पालघर जिले के जंगलों में पट्टीदार बाघों का निवास नहीं है। क्षेत्र में मुख्य रूप से तेंदुओं की आवाजाही देखी जाती है।
सोशल मीडिया पर सूचना वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम द्वारा दुर्वेस के संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने नागरिकों से अपुष्ट जानकारी पर विश्वास नहीं करने और किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।
तेंदुए की गतिविधियों से पहले भी रहा है क्षेत्र चर्चा में
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे से सटे दुर्वेस क्षेत्र में इससे पहले भी तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इसके चलते क्षेत्र के ग्रामीण वन्यजीवों की संभावित आवाजाही को लेकर सतर्क रहते हैं।
फिलहाल दुर्वेस में कथित ‘पट्टीदार बाघ’ की सूचना की पुष्टि नहीं हुई है। अब वन विभाग द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण के बाद ही इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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