जौनपुर पुलिस ने बरामद किए 201 गुमशुदा मोबाइल, कीमत करीब 45 लाख रुपये |

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CEIR पोर्टल की मदद से अलग-अलग राज्यों और जिलों से मोबाइल ट्रेस कर बरामद, वास्तविक स्वामियों को किए गए सुपुर्द

जौनपुर, 29 सितंबर 2026: जौनपुर पुलिस की साइबर क्राइम थाना/सेल और विभिन्न थानों की साइबर सेल टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से 201 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये है। बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुँवर अनुपम सिंह (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनंत चन्द्रशेखर (IPS) के निर्देशन तथा सहायक पुलिस अधीक्षक नगर गोल्डी गुप्ता (IPS) के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना और विभिन्न थानों की साइबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस किया।

कई कंपनियों के मोबाइल बरामद

पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइलों में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया, एप्पल और सैमसंग सहित विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं।

इनमें से कई मोबाइल जौनपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही सहित अन्य जनपदों से बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, कुछ मोबाइल दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान से भी बरामद हुए।

अब तक 2,239 मोबाइल बरामद

जौनपुर पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक कुल 2,239 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए हैं।

इस अभियान के तहत खुटहन से 21, कोतवाली से 17, साइबर क्राइम थाना से 16, मड़ियाहूं से 15, बदलापुर और शाहगंज से 14-14, बक्शा से 12 तथा चंदवक और सुजानगंज से 10-10 मोबाइल बरामद किए गए। इसके अलावा अन्य थाना क्षेत्रों से भी मोबाइल बरामद किए गए हैं।

मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर शिकायत करें

एएसपी सिटी गोल्डी गुप्ता ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में सबसे पहले संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और इसके बाद CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस ने साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने तथा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की भी अपील की है।

पुलिस ने लोगों को संदिग्ध लिंक या QR कोड पर क्लिक नहीं करने, किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल नहीं करने और किसी भी व्यक्ति के साथ UPI PIN या MPIN साझा नहीं करने की सलाह दी है।

संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा
राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक ‘तृप्ति प्रमाण’

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