वरोर में सुबह 9.30 बजे आंदोलन; राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से शामिल होने की अपील
पालघर। वाढवण बंदरगाह से जुड़ने वाली सड़क के काम को लेकर कानूनी प्रक्रिया और स्थानीय लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए वाढवण बंदर विरोधी युवा संघर्ष समिति ने 2 अक्टूबर 2026 को वरोर में ‘संवैधानिक कानूनभंग आंदोलन’ करने की घोषणा की है। यह आंदोलन महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सुबह 9.30 बजे आयोजित किया जाएगा। 2 अक्टूबर के आंदोलन की घोषणा की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर समिति का आरोप
समिति का आरोप है कि वाढवण बंदर से जुड़ने वाली सड़क का काम शुरू करने से पहले प्रभावित जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तथा सभी प्रभावित स्थानीय लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिला है।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार बंदरगाह की सड़क और रेल कनेक्टिविटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया परियोजना का हिस्सा है। जून 2026 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में भी सड़क-रेल कनेक्टिविटी के लिए भूमि अधिग्रहण तथा परियोजना को प्राप्त पर्यावरण एवं सीआरजेड मंजूरियों का उल्लेख है।
समिति का कहना है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने की मांग को लेकर भूमिपुत्र पहले भी आंदोलन कर चुके हैं।
प्रशासन की कार्रवाई पर समिति ने उठाए सवाल
समिति ने दावा किया है कि आंदोलन की पृष्ठभूमि में संबंधित क्षेत्र में प्रशासन की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। समिति का आरोप है कि सड़क निर्माण और पत्थर परिवहन का विरोध करने वाले आंदोलनकारियों पर मामले दर्ज करने की धमकी भी दी जा रही है।
इन आरोपों पर प्रशासन का स्वतंत्र पक्ष समिति के इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर आंदोलन
समिति के अनुसार, महात्मा गांधी जयंती के दिन आंदोलन को सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों के आधार पर आयोजित किया जाएगा। समिति ने इसे प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण संवैधानिक कानूनभंग आंदोलन बताया है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आंदोलन में मछुआरा, आदिवासी, युवा और अन्य सहयोगी संगठनों की भागीदारी का भी आह्वान किया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील
वाढवण बंदर का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय संगठनों, भूमिपुत्र संगठनों, किसान और मछुआरा संगठनों सहित आम नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।
2 अक्टूबर 2026 को सुबह 9.30 बजे वरोर में प्रस्तावित इस आंदोलन के जरिए समिति स्थानीय अधिकारों और परियोजना से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की तैयारी कर रही है।
वाढवण बंदर विरोधी युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष मिलिंद राऊत और सचिव स्वप्नील तरे ने नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
तृप्ति प्रमाण




