शिक्षा समिति सभापति स्नेहा शैलेश पांडे ने जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की
मीरा-भाईंदर | तृप्ति प्रमाण
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के 31 स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित किए गए जूतों और शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में अब तक पानी की बोतलें उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। शिक्षा, कला, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समिति की सभापति स्नेहा शैलेश पांडे ने दोनों मामलों को लेकर मनपा प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
जूतों के डिजाइन को लेकर शिकायत
स्नेहा पांडे ने 29 सितंबर 2026 को भेजे पत्र में कहा कि मनपा के मराठी, हिंदी और उर्दू माध्यम के 31 स्कूलों में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए विद्यार्थियों को जूते वितरित किए गए हैं।
पत्र के अनुसार, इस वर्ष लड़कों और लड़कियों को एक ही डिजाइन के जूते दिए गए हैं, जबकि पहले आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग डिजाइन के जूते वितरित किए जाते थे।
उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था को लेकर कुछ छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी है।
स्नेहा पांडे ने जूतों की आपूर्ति में कथित लापरवाही की उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने और जांच पूरी होने तक संबंधित आपूर्तिकर्ता के बिल का भुगतान नहीं करने की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले 1 सितंबर को विद्यार्थियों को वितरित किए गए गणवेश की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की गई थी।
पानी की बोतलों का अब तक वितरण नहीं होने का दावा
वहीं, 1 अक्टूबर 2026 को भेजे गए एक अन्य पत्र में स्नेहा पांडे ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में अब तक मनपा स्कूलों के विद्यार्थियों को स्टील कवर वाली पानी की बोतलों का वितरण नहीं किया गया है।
उनके अनुसार, इसके कारण कई विद्यार्थियों को घर से पुरानी प्लास्टिक या शीतपेय की बोतलें लानी पड़ रही हैं। मध्यांतर के दौरान पानी के नलों पर भीड़ होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में दावा किया गया है कि विद्यार्थियों को पानी की बोतलें उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल में ही एक निजी ठेकेदार को आपूर्ति का ठेका दिया गया था। इसके बावजूद अब तक वितरण नहीं होने को लेकर अभिभावकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्नेहा पांडे ने मनपा प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और विद्यार्थियों को पानी की बोतलें वितरित करने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने तथा मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी उनके कार्यालय को उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
यह खबर संबंधित समिति सभापति द्वारा मनपा प्रशासन को भेजे गए पत्रों में किए गए दावों और मांगों पर आधारित है। मनपा प्रशासन या संबंधित आपूर्तिकर्ता की ओर से इस मामले पर कोई अलग पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।




