जालना। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने सरकार और चुनाव आयोग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है। जालना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जरांगे पाटील ने कहा कि सरकार को ज्ञानेश कुमार को हटाकर उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने सरकार और ज्ञानेश कुमार के बीच मिलीभगत होने की आशंका भी जताई। यह दावा जरांगे पाटील की ओर से किया गया है।
जरांगे पाटील ने आरोप लगाया कि मराठा समाज की ओर से आरक्षण की मांग किए जाने पर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है और आंदोलनकारियों को परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया।
किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की मांग
दुष्काल और किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए मनोज जरांगे पाटील ने सरकार से किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने गांव-गांव में चारा छावनियां शुरू करने और किसानों की समस्याओं पर तत्काल कदम उठाने की मांग भी की।
जरांगे पाटील ने किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी को लेकर भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता किसी सरकार को सत्ता में बैठा सकती है, तो उसे सत्ता से हटाने की क्षमता भी रखती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से उन्हें या मराठा आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया तो मराठा समाज को बड़ी संख्या में एकजुट होना चाहिए।
नारायणगढ़ में दशहरा मेले का ऐलान
मनोज जरांगे पाटील ने आगामी दशहरा मेले को लेकर भी अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नारायणगढ़ में दशहरा मेला आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने मराठा समाज के लोगों से बड़ी संख्या में इस मेले में शामिल होने का आह्वान किया। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जरांगे पाटील ने नारायणगढ़ के निर्धारित दशहरा मेले में मराठा समाज के लोगों से बड़ी संख्या में एकत्र होने की अपील की है।
जरांगे पाटील ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्हें अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि किसानों तथा मराठा समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण




