डॉ. अख्तर हसन रिज़वी मामले में कानूनी प्रगति, एफआईआर रद्द करने बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा मामला |

Share:

मुंबई: डॉ. अख्तर हसन रिज़वी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। उनकी पत्नी एवं अधिवक्ता रुबिना अख्तर रिज़वी ने एफआईआर और उससे संबंधित आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

बताया गया है कि संबंधित भाइयों एवं शिकायतकर्ताओं द्वारा दाखिल Consent Terms (सहमति की शर्तों) के बाद यह कानूनी कदम उठाया गया। इन सहमति शर्तों में विवाद के समाधान और शिकायत वापस लेने को लेकर पक्षों के बीच सहमति का उल्लेख किया गया है।

मामले की कानूनी पैरवी अधिवक्ता रुबिना अख्तर रिज़वी स्वयं कर रही हैं। याचिका में पक्षों के बीच हुई सहमति तथा बाद में सामने आए घटनाक्रम को आधार बनाते हुए एफआईआर और उससे जुड़ी आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने की मांग की गई है।

रुबिना अख्तर रिज़वी ने कहा कि मामले का समाधान कानून की उचित प्रक्रिया और सक्षम न्यायिक मंच के माध्यम से ही होना चाहिए। उनके अनुसार, सहमति और बाद के घटनाक्रम को अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और परिवार को न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है।

हालांकि, एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का अंतिम निर्णय बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। याचिका दाखिल होने के बाद अब मामले की आगे की दिशा अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।

Share: