विधायक निधि से डिजिटल क्लासरूम तैयार; उद्घाटन के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाई का अवसर
नालासोपारा | संवाददाता: नटवर झा
नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के 41 जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक और उन्नत डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजन नाईक की विधायक निधि से इन स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम तैयार किए गए हैं। इन डिजिटल कक्षाओं का उद्घाटन विधायक राजन नाईक के हाथों संपन्न हुआ।
NEP-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा की पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप स्कूलों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विधायक राजन नाईक ने नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद स्कूलों को डिजिटल बनाने की पहल की। इसके तहत 41 स्कूलों का चयन कर वहां डिजिटल क्लासरूम तैयार किए गए।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर भाजपा के जिला महामंत्री मनोज बारोट, डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग डिपार्टमेंट के अजय दलवी, सुपरमाइंड इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर अश्विनी भालेकर, समीर सालुंके, प्रोजेक्ट हेड शांतनु पवार और आशीष पाटिल सहित सेंटर हेड, प्रिंसिपल और शिक्षक उपस्थित रहे।
डिजिटल शिक्षा आज की जरूरत: रुचिता सूर्यवंशी
नेहरू विद्यालय की शिक्षिका रुचिता सूर्यवंशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए डिजिटल शिक्षा आज की जरूरत है। विद्यार्थियों को स्कूल जाने की उम्र से ही डिजिटल तकनीक से परिचित कराना चाहिए। आधुनिक डिजिटल कक्षाओं का उद्देश्य शिक्षकों को भी उन्नत तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने में सक्षम करना है।
इस पहल से जिला परिषद स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
विधायक राजन नाईक ने कहा कि जिला परिषद स्कूलों को महानगरपालिका में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तब तक इन स्कूलों के विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए काम जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ई-विद्या, वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब और डिजिटल यूनिवर्सिटी जैसी पहल लागू कर रही है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की नई दिशा मिल सकती है।
तीन साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, विधायक निधि से स्थापित डिजिटल बोर्ड और अन्य उपकरणों के रखरखाव का काम तीन साल के लिए पुणे स्थित सुपरमाइंड इंस्टीट्यूट को दिया गया है।
इस संबंध में मनोज बारोट ने सेंटर हेड, प्रिंसिपल और शिक्षकों को निर्देश दिया कि तकनीकी समस्या आने पर संबंधित इंस्टीट्यूट से मार्गदर्शन लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल कक्षाओं के उपयोग में परेशानी न हो।
नालासोपारा के 41 जिला परिषद स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम की यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


