सारा अली खान के मंदिर दर्शन को लेकर उठे विवाद पर सोनिया बंसल ने रखी अपनी बात; कहा- आस्था निजी है और हर व्यक्ति को प्रार्थना करने की आजादी मिलनी चाहिए।
मनोरंजन | तृप्ति प्रमाण
अभिनेत्री सारा अली खान इन दिनों केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने को लेकर चर्चा में हैं। खबरों के मुताबिक, एक इस्लामिक धर्मगुरु ने मंदिर जाने को लेकर उनके खिलाफ फतवा जारी किया है। बताया जा रहा है कि रविवार, 25 अक्टूबर को सारा अली खान केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए कतार में खड़ी नजर आई थीं। इसके बाद उन्हें मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए भी देखा गया।
इस पूरे विवाद के बीच बिग बॉस 17 फेम अभिनेत्री सोनिया बंसल ने सारा अली खान का समर्थन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति की आस्था और निजी विश्वास को आखिर बहस का विषय क्यों बनाया जाना चाहिए।
सोनिया बंसल ने सारा अली खान का किया समर्थन
इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया बंसल ने कहा कि सारा अली खान एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं और हमेशा अपने दिल की सुनती आई हैं। वह कई बार केदारनाथ जा चुकी हैं। सोनिया ने यह भी याद दिलाया कि सारा फिल्म ‘केदारनाथ’ का हिस्सा रही हैं, जिसमें मंदिर की पृष्ठभूमि में आस्था, प्रेम और इंसानियत को दिखाया गया था।
सोनिया के मुताबिक, आशीर्वाद लेने जैसी निजी बात को विवाद का मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सारा भी एक इंसान हैं, जो दूसरे लोगों की तरह प्रार्थना करना और मन की शांति पाना चाहती हैं।
धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए: सोनिया
सोनिया बंसल का मानना है कि धर्म कभी भी लोगों के बीच भेदभाव या किसी की नीयत पर सवाल उठाने की वजह नहीं बनना चाहिए। उनके अनुसार, हर व्यक्ति को अपनी आस्था से अपने तरीके से जुड़ने की आजादी होनी चाहिए और समाज को इसके लिए किसी को कठघरे में खड़ा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह देखकर दुख होता है कि लोग हर बात को कितनी जल्दी धार्मिक मुद्दा बना देते हैं। सोनिया ने सवाल उठाया कि एक समाज के तौर पर हम किस दिशा में जा रहे हैं और आने वाली पीढ़ी को क्या सिखा रहे हैं।
उनका कहना है कि बच्चों को लोगों से प्रेम करना, उन्हें स्वीकार करना और उनका सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए, न कि सबसे पहले उनके बीच के अंतर देखना। उन्होंने हिंदू और मुस्लिम पहचान को लेकर होने वाली बहस से आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मंदिर, मस्जिद और चर्च सभी का सम्मान जरूरी
सोनिया ने कहा कि पूजा और प्रार्थना के स्थल शांति, भक्ति और स्वीकार्यता के स्थान होने चाहिए। किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था समझाने या आशीर्वाद लेने की इच्छा को सही साबित करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “अगर कोई मंदिर में सिर झुकाना चाहता है, मस्जिद में इबादत करना चाहता है या चर्च में शांति पाना चाहता है, तो इससे किसी को परेशानी क्यों होनी चाहिए? हर धार्मिक स्थल का सम्मान होना चाहिए और हर व्यक्ति को प्रार्थना करने की आजादी मिलनी चाहिए।”
सोनिया के अनुसार, किसी भी पहचान से पहले सभी इंसान हैं और प्रेम तथा इंसानियत को धार्मिक मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
सारा के हुनर और व्यक्तित्व की होनी चाहिए सराहना
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए सोनिया बंसल ने कहा कि धर्म का इस्तेमाल किसी की नीयत पर सवाल उठाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था बेहद निजी होती है और जब कोई व्यक्ति भगवान के सामने खड़े होकर आशीर्वाद मांगता है, तो उसके मन में क्या चल रहा है, यह कोई दूसरा नहीं जान सकता।
सोनिया ने सारा अली खान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने काम से दर्शकों का मनोरंजन किया है और लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई है। उनके अनुसार, सारा को किसी धार्मिक स्थल पर जाने को लेकर विवाद में घसीटने के बजाय उनके हुनर और व्यक्तित्व के लिए सराहना मिलनी चाहिए।
अंत में सोनिया ने उम्मीद जताई कि समाज में नफरत कम हो और प्रेम तथा आपसी सम्मान की भावना बढ़े।
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