मुंबई में 10 साल की बच्ची के साथ हैवानियत: प्राइवेट पार्ट में स्क्रूड्राइवर डाला, गर्लफ्रेंड ने बनाया वीडियो, दोनों आरोपी गिरफ्तार|

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मुंबई, — महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 10 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दिल दहला देने वाला यौन अपराध किया गया। पुलिस ने इस मामले में 24 साल के एक युवक और उसकी 21 साल की गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि युवक ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसके प्राइवेट पार्ट में स्क्रू ड्राइवर जैसी वस्तु डालकर भयानक दर्द पहुंचाया। इस दौरान उसकी गर्लफ्रेंड ने घटना का वीडियो बनाया। आरोपियों ने बच्ची को धमकी भी दी कि अगर वह किसी को कुछ बताई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

कैसे सामने आई घटना?
बच्ची की मां एक केटरिंग कंपनी में काम करती है। वह अपनी बेटी के साथ एक चॉल में रहती हैं। आरोपी युवक और उसकी प्रेमिका भी उसी कंपनी में वेटर के रूप में काम करते थे और मां-बेटी के साथ ही रह रहे थे।

पुलिस को दी गई शिकायत में बच्ची की मां ने बताया कि 15 मई से 14 जून के बीच जब वह काम पर गई हुई थी, तब आरोपियों ने बच्ची के साथ कई बार अत्याचार किया।

घृणित कृत्य और सबूतों की बर्बरता
पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसके शरीर के नाजुक हिस्से में स्क्रू ड्राइवर जैसी वस्तु डाल दी। उसकी प्रेमिका ने इस घृणित घटना का वीडियो भी बनाया। आरोपियों ने बच्ची को मारा-पीटा और उसे धमकाया कि अगर वह किसी को बताएगी, तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:

भारतीय दंड संहिता (IPC):
धारा 64(1) – बलात्कार
धारा 64(2)(i) – सहमति देने में असमर्थ बच्ची से बलात्कार
धारा 77 – निजता का उल्लंघन (वीडियो बनाना)
धारा 115 – जानबूझकर चोट पहुंचाना
धारा 352 – अपमानजनक भाषा का प्रयोग
धारा 351(3) – गंभीर नुकसान या मृत्यु की धमकी देना
POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act):
धारा 4, 6, 8 और 12 – बच्चों के यौन शोषण के विभिन्न पहलूओं पर आधारित
IT एक्ट:
धारा 66E – निजता का उल्लंघन (प्राइवेट वीडियो बनाना)
धारा 67B – बच्चों के यौन शोषण से संबंधित ऑनलाइन सामग्री का प्रसारण
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना से एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और यौन अपराधों के खिलाफ कानून की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। समाज में ऐसे अपराधों को रोकने और बच्चों के प्रति सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

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