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वराणसी में ज़मीन विवाद को लेकर अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्ज़िया पर धोखाधड़ी जालसाजी और विश्वासघात के गंभीर आरोप |

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वराणसी (उत्तर प्रदेश), March 2026– तहसील पिंडरा, ज़िला वाराणसी के गाँव रसूलपुर निवासी अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्ज़िया पुत्र मुरलीधर तिवारी पर ज़मीन से संबंधित मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, पेशेवर कदाचार और अवैध गतिविधियों के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मुंबई निवासी श्री राहुल त्रिपाठी द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया को संक्रमिय भूमिदार द्वारा निष्पादित पंजीकृत वसीयत नामा के आधार पर संपत्ति के राजस्व अभिलेखों में नामांतरण कराने का कार्य सौंपा गया था। यह ज़मीन गाँव रसूलपुर, कृष्णापुर कलां एवं कोइरिपुर कलां, तहसील पिंडरा में स्थित है, जिसके संबंध में एक पंजीकृत वसीयतनामा श्री राहुल त्रिपाठी के पक्ष में था और जिसके माध्यम से वह विधिक रूप से उन संपत्तियों के स्वामी बन चुके थे। शिकायत के अनुसार, अधिवक्ता तिवारी ने यह कार्य करने के लिए ₹15,000 की पेशेवर फीस ली थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने न तो कोई विधिक कार्यवाही की, और इसके विपरीत एक तीसरे व्यक्ति श्री किशोर त्रिपाठी की विरासत बताते हुए उनके साथ पंजीकृत वसीयतनामा में उल्लेखित गांव मौजा कृष्णपूरकला, परगना अठगावा आराजी नंबर 127 में से रकबा 166 वर्ग मीटर जमीन संपत्ति का अवैध पंजीकृत बिक्री अनुबंध के माध्यम से क्रयविक्रय करने की साज़िश रची, जबकि वह तीसरा व्यक्ति का उस संपत्ति के खसरा खतौनी एवम राज्यस्व अभिलेखों में नाम दर्ज नहीं था ना कोई विधिक अधिकार, स्वामित्व या कब्जा नहीं था। तथा अपने भाई अशोक कुमार तिवारी उर्फ कालीचरन को गांव मौजा रसूलपुर आराजी नंबर 20 में रकबा 127 वर्ग मीटर जमीन संपत्ति का धोखाधड़ी करके तीसरे व्यक्ति किशोर त्रिपाठी द्वारा अवैध पंजीकृत क्रय विक्रय कराया है। दर्ज शिकायत के अनुसार अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया को राहुल त्रिपाठी के विधिक अधिकार, स्वामित्व और भूमि पर वास्तविक कब्जे की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने धोखा देने और श्री राहुल त्रिपाठी के वैध हक छीनने की जानबूझकर साजिश रची और गंभीर पेशेवर कदाचार किया। विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया द्वारा प्रयुक्त ‘सनद’ (वकालत का प्रमाणपत्र) फर्जी है, जिसे उन्होंने नकली मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर प्राप्त किया है। इस कारण उनकी बार काउंसिल उत्तर प्रदेश में नामांकन की पूर्ण जाँच की माँग की गई है। इस मामले में आगे कार्यवाही करते हुए, श्री राहुल त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं अधिनियम, 1961 की धारा 35 के तहत बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के समक्ष एक विधिवत शिकायत दर्ज की है, जिसमें अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी पप्पू फर्जिया के अवैध, अनैतिक और धोखेबाज़ व्यवहार का विस्तृत उल्लेख है। बार काउंसिल ने उक्त शिकायत की रसीद स्वीकार की है और गंभीर संज्ञान लेते हुए विधिक कार्रवाई आरंभ कर दी है। इसके अतिरिक्त यह भी आरोप है कि अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया एवं उनके भाई अशोक कुमार तिवारी उर्फ कालीचरन पुत्र मुरलीधर तहसील पिंडरा क्षेत्र में ज़मीन कब्ज़ करने वाले गिरोह (लैंड माफिया) के रूप में कुख्यात हैं। दर्ज शिकायत एवम स्थानीय लोगों के अनुसार, अधिवक्ता जितेंद्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया स्वयं को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का व्यापारिक सहयोगी एवं व्यक्तिगत अधिवक्ता बताते हैं और यह भी दावा करते हैं कि वह हिन्दू वाहिनी संघ पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री हैं, जो स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा संचालित की जाती है। यह आशंका जताई जा रही है कि अधिवक्ता जितेंद्र कुमार तिवारी उर्फ पप्पू फर्जिया द्वारा की गई यह राजनीतिक पहचान की झूठी प्रस्तुति क्षेत्रीय लोगों को भ्रमित करने और धोखा देने के लिए की जा रही है। पीड़ित ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश, स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से सख़्त और शीघ्र कार्रवाई की माँग की है तथा अवैध राजनीतिक प्रभाव, पहचान की आड़, और धोखाधड़ी, जालसाजी की पूर्ण जाँच की अपेक्षा की है। मामला जनचर्चा में है और आने वाले दिनों में इस पर विधिक कार्यवाही की दिशा में और प्रगति की संभावना है।

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Rajesh