नालासोपारा, प्रतिनिधि: मुंबई के नालासोपारा पूर्व इलाके में चश्मों की बिक्री करने वाली कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) के एक स्थानीय स्टोर को लेकर धार्मिक पहचान से जुड़े प्रतीकों पर विवाद सामने आया है। तिलक, बिंदी और कलावा जैसे चिन्हों पर कथित रोक की खबरों के बाद इलाके में प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
जानकारी के अनुसार, ब्रॉडवे क्षेत्र के सामने स्थित एक इमारत में संचालित लेंसकार्ट स्टोर पर विश्व हिंदू महासंघ से जुड़े कार्यकर्ता पहुंचे और अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्टोर प्रबंधन से चर्चा करते हुए कहा कि कर्मचारियों को अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने में किसी प्रकार की असुविधा या प्रतिबंध का सामना नहीं करना चाहिए।
इस संबंध में संगठन के मुंबई प्रभारी प्रदीप मिश्रा विजय ने बताया कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। किसी भी कार्यस्थल पर कर्मचारियों पर धार्मिक प्रतीकों को लेकर दबाव बनाना उचित नहीं है।
विवाद बढ़ता देखने के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया। कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही जानकारी पुरानी गाइडलाइन से संबंधित है। वर्तमान नीतियों के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा तिलक, बिंदी, सिंदूर या कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों को धारण करने पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। कंपनी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए खेद व्यक्त किया और पुष्टि की कि इन प्रतीकों को पहनने की पूर्ण अनुमति दी गई है।
स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता के बाद वर्तमान में स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि, इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।