पालघर, दिनांक 22 अप्रैल 2026:
औद्योगिक सुरक्षा और सार्वजनिक आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, पालघर जिला प्रशासन ने आज तारापुर एमआईडीसी में क्लोरीन गैस रिसाव की संभावित आपदा पर आधारित एक भव्य ऑफ-साइट मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह अभ्यास रासायनिक दुर्घटना (आपातकालीन योजना, तैयारी और प्रतिक्रिया) नियम, 1996 के तहत आयोजित किया गया।
इस मॉक ड्रिल में सुपरफॉर्म केमिस्ट्रीज नामक औद्योगिक इकाई में एक नीडल वाल्व के खराब होने के कारण क्लोरीन गैस के बड़े पैमाने पर रिसाव की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न की गई। इस घटना में एक ऑन-साइट कर्मचारी और आसपास के तीन नागरिक प्रभावित होने की स्थिति मानते हुए तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय किया गया।
जिलाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखर (आईएएस) ने मुख्य घटना नियंत्रक (Chief Incident Controller) के रूप में संपूर्ण अभियान का नेतृत्व किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री विवेकानंद कदम ने विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया। जबकि श्री संदीप पाटील और श्री अनुज पराटे ने मैदान स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) के संयुक्त निदेशक श्री माधव तोटेवाड़ (पालघर) और श्री नरेश देवराज (वसई) के मार्गदर्शन में उपनिदेशक श्री अमोल बैत, श्री हिम्मतराव शिंदे और श्री श्रीनिवास सब्बन ने कार्यवाही का अवलोकन किया।
इस मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल), सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB), परिवहन विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज की। पुलिस विभाग ने एसीपी श्री विनायक नरले और उपअधीक्षक श्री विकास नाईक के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, यातायात नियंत्रण किया और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया। आरटीओ श्री अविनाश काकड़ ने यातायात प्रबंधन में सहयोग प्रदान किया।
रेड जोन के नागरिकों को सुरक्षित स्थानांतरित कर सहायता शिविरों में पहुंचाने का कार्य श्री पंकज एम. गौतम के नेतृत्व में श्री अजय राजपूत के सहयोग से संपन्न हुआ। सिविल डिफेंस के श्री काशिनाथ कुर्कुटे और एमएसआरटीसी के श्री एजाज शेख ने इस प्रक्रिया में समन्वय स्थापित किया।
अग्निशमन और बचाव अभियान अग्निशमन अधिकारी श्री वैभव तांदेल और एनडीआरएफ कमांडर श्री पूनिया के नेतृत्व में संचालित किया गया। औद्योगिक अग्निशमन दल के श्री रमेश हलवाई और श्री मुकेश कदम ने विषैली गैस को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय किए।
एमपीसीबी के उपक्षेत्रीय अधिकारी श्री राजू वसावे और श्री राजेंद्र पवार ने वायु में विषैले तत्वों की निगरानी कर सुरक्षा सुनिश्चित की।
चिकित्सा प्रतिक्रिया सिविल सर्जन डॉ. रामदास मराड़ के मार्गदर्शन में प्रदान की गई। घायलों को तत्काल उपचार प्रदान करने के बाद आशीर्वाद अस्पताल और ठुंगा अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां डॉ. पराग कुलकर्णी और डॉ. दिलीप बिलोलिकर ने उनकी स्थिति को स्थिर किया।
इसके अलावा, तारापुर इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TIMA) के अध्यक्ष श्री डी. के. राउत और संयोजक श्री अरुण सावंत ने लॉजिस्टिक सहायता और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस मॉक ड्रिल के सफल आयोजन ने पालघर जिला प्रशासन की औद्योगिक आपदा प्रबंधन में तत्परता, उत्कृष्ट समन्वय क्षमता और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। इस अभ्यास से यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि जिला प्रशासन भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए पूर्णतः सज्ज है।