तृप्ति प्रमाण ब्यूरो,चीफ विनोद प्रसाद पटना
बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली (टीआरई-4) को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। सोमवार से पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक राज्य सरकार टीआरई-4 बहाली के लिए स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं करती और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने सरकार को 10 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में बहाली नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ, तो 21 मई से गर्दनीबाग में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। यह आंदोलन 8 मई को गांधी मैदान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध से भी जुड़ा हुआ है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया गया, जिससे उनके बीच व्यापक आक्रोश है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, वर्षों से शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे युवाओं को केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण वे मानसिक और आर्थिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी की स्थिति गंभीर होती जा रही है और अब युवाओं के पास अपने हक के लिए संघर्ष करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं रहा। उन्होंने इस संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” करार दिया है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
टीआरई-4 बहाली की तत्काल अधिसूचना जारी की जाए।
रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
8 मई के लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गिरफ्तार किए गए छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
गार्दनीबाग में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी आने पर तृप्ति प्रमाण न्यूज़ पोर्टल अपने पाठकों को अवगत कराता रहेगा।
टीआरई-4 बहाली: पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन, सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम |
by विनोद प्रसाद
Published On: May 12, 2026 9:00 pm
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