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मुंबई: जुर्माना कम करने के लालच में आरटीओ लिपिक गिरा एसीबी के जाल में, 4 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया |

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मुंबई (तृप्ति प्रमाण राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक): भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), मुंबई ने प्रादेशिक परिवहन विभाग (आरटीओ), बोरीवली में तैनात एक वरिष्ठ लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मिथुन विलास आडे के रूप में हुई है, जिन्होंने चालान जुर्माने की राशि कम करवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

घटना का विवरण

एसीबी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पर पूर्व में 26,500 रुपये का यातायात जुर्माना लगाया गया था। इस जुर्माने की राशि को कम करवाने के एवज में वरिष्ठ लिपिक मिथुन आडे ने 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए इसकी शिकायत सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से दर्ज कराई।

एसीबी की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत की प्राथमिक जांच में रिश्वत मांगने के तथ्य की पुष्टि होने के बाद, एसीबी ने सावधानीपूर्वक जाल बिछाया। 1 जून 2026 को, पंचों की उपस्थिति में कार्रवाई करते हुए, आरोपी ने 5,000 रुपये की मांग के बीच 4,000 रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की। जैसे ही उसने राशि ग्रहण की, एसीबी की टीम ने उसे तुरंत काबू कर लिया।

कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक अपील

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत आधिकारिक मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की विस्तृत जांच जारी है। इसी क्रम में, एसीबी ने नागरिकों से सार्वजनिक अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को दी जाए।

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Rajesh