नालासोपारा/विरार: विदेश जाने की जल्दी में शॉर्टकट अपनाना और जाली दस्तावेजों का सहारा लेना तीन युवकों को बेहद महंगा पड़ गया है। विरार पुलिस ने पासपोर्ट सत्यापन (Verification) के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई तब की जब एक आवेदक द्वारा जमा किया गया स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) पूरी तरह से जाली पाया गया।
मूसलाधार बारिश के बाद शुरू हुई जांच, गोपनीय विभाग ने पकड़ा फर्जीवाड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, विरार पूर्व के फूलपाड़ा इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय सलीम निसार मंसूरी ने बीते 30 जून को अपने पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जुलाई के शुरुआती हफ्ते में हुई मूसलाधार बारिश के कारण प्रशासनिक प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई। इसके बाद, 10 जुलाई को सलीम का आवेदन अंतिम पुलिस वेरिफिकेशन के लिए विरार पुलिस स्टेशन के गोपनीय (इंटेलिजेंस) विभाग में ट्रांसफर किया गया।
वहां तैनात सतर्क पुलिस अधिकारी राहाजी नागनाथ आलदर ने जब सलीम के जन्म प्रमाण पत्र और तलासरी स्थित ‘भारती अकादमी’ के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट की बारीकी से जांच की, तो उन्हें स्कूल के सर्टिफिकेट पर कुछ संदेह हुआ।
स्कूल प्रशासन ने कहा- “हमने ऐसा कोई सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया”
संदेह के आधार पर विरार पुलिस ने तुरंत तलासरी के ‘भारती अकादमी’ स्कूल प्रशासन से संपर्क साधा और दस्तावेज की प्रामाणिकता की जांच की। स्कूल प्रबंधन ने रिकॉर्ड खंगालने के बाद स्पष्ट कर दिया कि उनकी संस्था द्वारा सलीम निसार मंसूरी के नाम से ऐसा कोई भी सर्टिफिकेट कभी जारी नहीं किया गया है। स्कूल प्रशासन ने इसे पूरी तरह जाली बताते हुए पुलिस से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
5 हजार रुपये में हुआ था जाली दस्तावेज का सौदा
फर्जीवाड़ा पुख्ता होते ही पुलिस ने सलीम मंसूरी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में सलीम ने उगल दिया कि उसने रवि ताराकांत झा नामक एक बिचौलिए के माध्यम से अमित जय सिंह से संपर्क किया था। इन दोनों ने उससे वादा किया था कि वे मात्र 5,000 रुपये के बदले उसे स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट दिलवा देंगे। इसी रकम के लालच में आकर आरोपियों ने कंप्यूटर की मदद से यह फर्जी दस्तावेज तैयार किया था।
विरार पुलिस ने गुरुवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सलीम मंसूरी सहित गिरोह के सदस्य रवि ताराकांत झा और अमित जय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह ने पहले भी कितने लोगों को ऐसे फर्जी डाक्यूमेंट्स बनाकर दिए हैं।