नालासोपारा: नालासोपारा में महावितरण (MSEDCL) की लापरवाही और नए स्मार्ट मीटरों की कथित ‘जादूगरी’ का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के प्रगति नगर इलाके में स्थित अमन अपार्टमेंट के एक उपभोक्ता को बिजली विभाग ने तगड़ा झटका दिया है। पीड़ित मोहम्मद याकूब का दावा है कि उनका सिंगल रूम पिछले दो महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने 15 जुलाई 2026 को उन्हें ₹11,560 का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा और आक्रोश का विषय बन गया है।
नए स्मार्ट मीटर लगते ही शुरू हुआ ‘बिल का खेल’
उपभोक्ता मोहम्मद याकूब के मुताबिक, जब तक उनके कमरे में पुराना बिजली मीटर लगा था, तब तक हर महीने का बिल औसतन ₹500 के आसपास ही आता था। लेकिन जैसे ही विभाग ने नया स्मार्ट मीटर लगाया, बिलों में अप्रत्याशित उछाल आने लगा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में जो बिल मात्र ₹240 था, वह सितंबर में ₹920 हुआ और नवंबर 2025 में सीधे छलांग लगाकर ₹38,240 पर पहुंच गया। हद तो तब हो गई जब दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा ₹39,490 हो गया। लगातार शिकायत के बाद 18 दिसंबर 2025 को अधिकारियों ने गलती सुधारते हुए बिल को संशोधित कर ₹2,940 किया था। तीन महीने शांति रहने के बाद अब बंद कमरे पर फिर से ₹11,560 का बिल आने से पीड़ित परेशान है और बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहा है।
अधिकारियों का तर्क: भीषण गर्मी है वजह
इस गंभीर गड़बड़ी और बिलिंग व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच बिजली विभाग के वरिष्ठ अभियंता मानिक राठौड़ ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने दलील दी कि इस बार भीषण गर्मी के कारण पूरे क्षेत्र में बिजली की खपत सामान्य से कहीं अधिक बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई उपभोक्ताओं से ज्यादा बिल आने की शिकायतें मिल रही हैं। इन समस्याओं के निवारण के लिए महावितरण की ओर से विशेष शिकायत निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं और संदेहास्पद मीटरों की जांच की जा रही है।
कांग्रेस आक्रामक, सड़क पर उतरने की दी चेतावनी
दूसरी तरफ, वसई-विरार में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इन मीटरों को आम जनता के लिए जी का जंजाल बताते हुए कांग्रेस ने महावितरण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
“स्मार्ट मीटर इन दिनों वसई-विरार की भोली-भाली जनता के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी पूरे क्षेत्र में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चला रही है। अगर बिजली विभाग ने समय रहते इन तकनीकी खामियों और मनमाने बिलों को दुरुस्त नहीं किया, तो कांग्रेस आम जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।”
— रवि भूषण (जिला महासचिव, कांग्रेस – वसई विरार)