मुंबई: महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल की हालिया बैठक में विकास, बुनियादी ढांचे और उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य में ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत बनाना, सड़क नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना है।
ग्रामीण सड़क योजना को मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इसके लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण लेने और राज्य निधि से अतिरिक्त धनराशि आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और आवागमन व्यवस्था में सुधार होगा।
सड़क सुधार के लिए 17,400 करोड़ का वित्तीय सहयोग
राज्य के सड़क नेटवर्क को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने एक बड़ी वित्तीय योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक और न्यू डेवलपमेंट बैंक से महाराष्ट्र राज्य सड़क सुधार परियोजना के लिए आर्थिक सहायता ली जाएगी। दोनों बैंकों से 8,700-8,700 करोड़ रुपये, यानी कुल 17,400 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग राज्यभर में सड़क सुधार और विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए किया जाएगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम निर्णय लिया है। मुंबई स्थित हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी के समूह विश्वविद्यालय में छह प्रमुख महाविद्यालयों को शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संस्थानों में के. एम. कुंदनानी फार्मेसी कॉलेज, किशनचंद चेलाराम लॉ कॉलेज, एस. एम. कुंदनानी कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स कॉलेज, आर. डी. नेशनल एवं डब्ल्यू. ए. साइंस कॉलेज और थडोमल शाहनी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रमुख हैं।
बुनियादी ढांचे और शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
राज्य सरकार के अनुसार, इन निर्णयों से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा। इन विकास कार्यों से राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।