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मुक्तिवाड़ी में दो साल से ठप्प बस सेवा: नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें, अतिक्रमण बना बड़ी वजह |

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वसई (तृप्ति प्रमाण): वसई पश्चिम के मुक्तिवाड़ी क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी बस सेवा ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में बस स्टॉप की सुविधा न होने के कारण लोगों को महंगे निजी वाहनों और मनमाना किराया वसूलने वाले ऑटो रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के परिवहन विभाग से जल्द से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग की है।

नौकरीपेशा और छात्रों के लिए बना सिरदर्द

वसई-विरार महानगरपालिका का परिवहन विभाग शहर के विभिन्न हिस्सों में सस्ती और सुविधाजनक बस सेवा उपलब्ध कराता है। लेकिन मुक्तिवाड़ी क्षेत्र में यह सेवा ठप्प होने से नौकरीपेशा लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और रेलवे स्टेशन तक आने-जाने वाले बुजुर्गों की दिक्कतें कई गुना बढ़ गई हैं। रोज़मर्रा के कामों के लिए अब लोगों को अपनी जेब पर भारी बोझ उठाना पड़ रहा है।

पैदल दूरी और महंगा किराया

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस सेवा बंद होने के बाद उन्हें होली, पारनाका या वसई गांव बस डिपो तक पैदल चलकर जाना पड़ता है। क्षेत्र में शेयर रिक्शा की कोई सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे जरूरत पड़ने पर लोगों को मनमाना किराया चुकाकर निजी रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। यह आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह का बोझ है।

अतिक्रमण ने संकरी की सड़कें

नागरिकों ने बताया कि पहले मुक्तिवाड़ी क्षेत्र की सड़कें बसों के आवागमन के लिए पर्याप्त चौड़ी थीं। लेकिन समय के साथ हुए अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गईं और यही वजह बनी कि परिवहन विभाग को मजबूरन बस सेवा बंद करनी पड़ी। अब नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाकर बस सेवा फिर से शुरू की जानी चाहिए।

परिवहन विभाग का जवाब

इस संबंध में परिवहन विभाग का कहना है कि वे संबंधित मार्ग की जानकारी लेकर और स्थिति का आकलन करके आगे आवश्यक कार्रवाई करेंगे। फिलहाल नागरिकों की मांग है कि जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

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Rajesh