वसई, 24 जून (तृप्ति प्रमाण): वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को नल कनेक्शन को लेकर चल रही एक बड़ी परेशानी से छुटकारा मिल गया है। महानगरपालिका ने ओसी (ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट) नहीं होने वाले मकानों के लिए भवन को अवैध बताने वाले शपथपत्र की अनिवार्य शर्त को वापस ले लिया है।
नागरिकों का विरोध था पुराना नियम
महानगरपालिका ने कुछ समय पहले जलापूर्ति विभाग के तहत एक नियम लागू किया था। इसके अनुसार, जिन मकानों के पास ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट नहीं था, उन्हें नल कनेक्शन के आवेदन के साथ एक शपथपत्र देना अनिवार्य था, जिसमें भवन को अवैध बताया जाता था। इस शर्त का स्थानीय नागरिकों और भूमिपुत्रों ने कड़ा विरोध किया था। नागरिकों का तर्क था कि अपने ही मकान को अवैध घोषित करने का शपथपत्र देना अपमानजनक है।
52 गांवों और पुराने निर्माणों को मिली छूट
नागरिकों के विरोध के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने इस मुद्दे पर विचार किया। हाल ही में संपन्न हुई महासभा में जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शपथपत्र की यह शर्त अब लागू नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह छूट विशेष रूप से महानगरपालिका क्षेत्र में शामिल 52 गांवों और पुराने निर्माणों पर लागू होगी।
हजारों परिवारों को होगा सीधा फायदा
महानगरपालिका के इस नए फैसले से क्षेत्र के हजारों स्थानीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। नागरिकों को अब बिना किसी अपमानजनक शर्त के नल कनेक्शन प्राप्त करने में आसानी होगी। लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या का इस फैसले से बड़ा समाधान निकला है और स्थानीय नागरिकों में इसका व्यापक स्वागत किया जा रहा है।