मुंबई/नालासोपारा, तृप्ति प्रमाण: विरार स्थित यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल के बिना अनुमति स्थानांतरित किए जाने का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
विधानसभा में भाजपा विधायक राजन नाईक द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने बताया कि यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल के अवैध स्थानांतरण की जांच जारी है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों को कानूनी कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल से बंद स्कूल में होते रहे आरटीई प्रवेश
विधायक राजन नाईक ने सदन में इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि यह स्कूल पिछले पांच वर्षों से बंद है। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा आरटीई के तहत छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा था, जिससे अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। विधायक ने यह भी बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी अनुमति के स्कूल को लगभग दो किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया।
वसई शिक्षा विभाग में रिक्त पदों का मुद्दा
विधायक नाईक ने वसई तालुका के शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के कई पदों के रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मांग की कि सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चल सके।
इसके अलावा, उन्होंने पिछले वर्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए उस निर्णय का भी जिक्र किया, जिसमें वसई तालुका की जिला परिषद स्कूलों को महानगरपालिका के अधीन स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया था। लेकिन अब तक इस निर्णय पर अमल नहीं हो सका है। विधायक ने इस संबंध में विशेष बैठक बुलाने की मांग की।
मंत्री का आश्वासन
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में आश्वासन दिया कि आगामी तबादला प्रक्रिया में वसई तालुका के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इसके अलावा, जिला परिषद की स्कूलों को महानगरपालिका को हस्तांतरित करने के निर्णय को भी जल्द ही लागू किया जाएगा।