तृप्ति प्रमाण | वसई-विरार ब्यूरो
वसई-विरार महानगर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जारी अत्यधिक वर्षा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते एक दिन में लगभग 150 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसके चलते शहर के अधिकांश निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी का तेज़ बहाव, यातायात में भारी बाधा और आम नागरिकों की परेशानी चरम पर है।
आयुक्त के दौरे के दौरान नागरिकों ने जताई नाराज़गी
बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गुरुवार को महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी., अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे सहित अन्य उच्चाधिकारी प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान दो स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने तीव्र असंतोष व्यक्त करते हुए आयुक्त के वाहन को रोक दिया। लोगों ने प्रशासन पर हर वर्ष बारिश के मौसम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
राजावली-वाघरालपाड़ा में नाले में बहे वाहन — दो लोग बचाए गए
वसई पूर्व के राजावली-वाघरालपाड़ा क्षेत्र में सबसे गंभीर स्थिति देखी गई। बुधवार को अत्यधिक जल बहाव के कारण एक नाले में दो चारपहिया और तीन दुपहिया वाहन बह गए। इस घटना में दो व्यक्तियों को स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से सुरक्षित निकाला गया। निवासियों ने बताया कि इस मार्ग पर न कोई सुरक्षा बेरिकेड है और न ही कोई चेतावनी संकेत।
प्रशासन ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश
निरीक्षण के उपरांत आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया है। इनमें सभी खुले नालों पर सुरक्षा जालियों की स्थापना, जल निकासी तंत्र को सुदृढ़ करना और आपातकालीन राहत उपायों की तैयारी शामिल है। नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मनपा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
हर साल वही समस्या, हर साल वही वादे
वसई-विरार के निवासियों की मांग स्पष्ट है — बारिश के मौसम में अस्थायी जुगाड़ की जगह स्थायी समाधान की ज़रूरत है। ड्रेनेज सिस्टम का आधुनिकीकरण, नालों का नियमित सफाई अभियान और आपदा प्रबंधन की मजबूत योजना ही इस समस्या का असली हल हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बार कितनी गंभीरता से इन निर्देशों को लागू करता है।