जौनपुर। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों की मदद करने के उद्देश्य से जौनपुर पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साइबर क्राइम थाना और जनपद की विभिन्न साइबर सेल ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का प्रभावी उपयोग करके हजारों गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया है।
151 मोबाइल की ताजा बरामदगी, कुल आंकड़ा 1,791
हाल ही में चलाए गए अभियान में पुलिस ने 151 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, इससे पहले की गई कार्रवाइयों को मिलाकर अब तक कुल 1,791 मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं। इन सभी फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है।
राज्य और जनपद की सीमाओं को पार कर हुई कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। बरामद किए गए मोबाइल फोन सिर्फ जौनपुर ही नहीं, बल्कि आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही जैसे जनपदों से मिले हैं। इसके अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी फोन रिकवर किए गए हैं। बरामद फोन में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग के स्मार्टफोन शामिल हैं।
गुमशुदगी और साइबर ठगी पर पुलिस का संदेश
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
साइबर सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश
पुलिस ने साइबर अपराध से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों को संदिग्ध लिंक, मैसेज या क्यूआर कोड पर क्लिक न करने की चेतावनी दी गई है। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर टीम व्यूअर, एनीडेस्क या क्विक सपोर्ट जैसे रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने से मना किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हालत में अपना ओटीपी, एम-पिन या यूपीआई पिन साझा न करें। पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन या एम-पिन दर्ज करने की कभी आवश्यकता नहीं होती है।
बरामदगी अभियान में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना महेश पाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम सेल सत्य प्रकाश सिंह, उपनिरीक्षक नीलम सिंह, आलोक कुमार सिंह सहित जनपद की साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।