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नालासोपारा में टला विरार जैसा बड़ा हादसा: ‘दुर्गेश्वरी अपार्टमेंट’ को प्रशासन ने कराया खाली, 65 परिवारों की बची जान |

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नालासोपारा: वसई-विरार क्षेत्र में करीब 11 महीने पहले हुए भयावह ‘रमाबाई अपार्टमेंट’ हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन ने एक और संभावित आपदा को समय रहते टाल दिया है। नालासोपारा पूर्व के ओम नगर इलाके में स्थित करीब 10 साल पुरानी ‘दुर्गेश्वरी अपार्टमेंट’ की सी-विंग (C-Wing) में अचानक सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरी इमारत को खाली करवा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया।

फायर ब्रिगेड ने आधी रात संभाला मोर्चा, स्कूल में शिफ्ट किए गए लोग

इमारत में खतरे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सी-विंग के सभी निवासियों को तुरंत बाहर निकाला गया। इस विंग में कुल 65 फ्लैट हैं, जिनमें से एक फ्लैट पहले से ही बंद था। बाकी के सभी प्रभावित परिवारों को एहतियात के तौर पर पास के ही नवजीवन स्कूल में अस्थायी रूप से सुरक्षित शिफ्ट कर दिया गया है।

मनपा ने थमाया C2A कैटेगरी का नोटिस

इस आपातकालीन स्थिति के बाद वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मनपा प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को इस रिहायशी इमारत को सी-2ए (C2A) श्रेणी का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है, जिसके तहत इमारत की तत्काल मरम्मत कराना अनिवार्य होता है।

मरम्मत में देरी और अफवाहों का बाजार गर्म

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, महानगरपालिका ने करीब एक साल पहले भी इस सोसाइटी को मरम्मत के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद ए और बी विंग के सुधार का काम तो समय पर पूरा कर लिया गया, लेकिन सी-विंग का काम किन्हीं कारणों से अटका रहा। हालांकि, सोसाइटी ने फंड जुटा लिया था और मॉनसून खत्म होते ही काम शुरू होने वाला था।

इसी बीच, इमारत के झुकने की अफवाहें भी सोशल मीडिया पर तैरने लगीं। इस पर सोसाइटी के निवासी अनमोल कापड़े ने साफ किया कि इमारत के झुकने की खबर पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बगल की इमारत में हुए प्लास्टर और गटर निर्माण के आपसी विवाद के चलते कुछ लोगों ने मनपा को गलत जानकारी देकर यह पैनिक क्रिएट किया है। फिलहाल, प्रशासन तकनीकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही तय होगा कि रहवासी अपने घरों में कब लौट सकेंगे।

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Rajesh