विशेष रिपोर्ट: साहिल यादव (तृप्ति प्रमाण)
पालघर: पालघर जिला योजना समिति (DPDC) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। राज्य के वन मंत्री व पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने क्षेत्र की समस्याओं को बेहद आक्रामक और प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने वसई-विरार क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति, लंबित स्वास्थ्य परियोजनाओं और बिजली-पानी के संकट को लेकर विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया और जल्द से जल्द समाधान की मांग की।
100 बेड के अस्पताल और बिजली व्यवस्था पर उठाया सवाल
विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने नवघर में प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की प्रशासनिक मंजूरी और फंड से जुड़ी फाइल लंबे समय से लालफीताशाही का शिकार है। उन्होंने इसे तुरंत मंत्रालय भेजकर स्वीकृत कराने की मांग की।
इसके साथ ही, वसई में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए उन्होंने नए ट्रांसफॉर्मर लगाने, पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने और सत्पाळे स्थित 22 केवी उपकेंद्र के लंबित प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी देने की वकालत की। उन्होंने साफ किया कि जिन डेवलपर्स ने नियमों के तहत ट्रांसफॉर्मर के लिए जगह नहीं दी है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जलभराव की समस्या और व्यापारियों के मुआवजे की मांग
हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण वसई में हुए जलभराव का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि नायगांव के मुख्य नाले के मुहाने पर मैंग्रोव (कांदळवन) फैलने से पानी की निकासी ठप हो गई है। बाढ़ नियंत्रण के लिए इस रुकावट को दूर करना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, उन्होंने अतिवृष्टि की मार झेलने वाले छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी मुआवजा देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकारी नियमों की जटिलता के कारण कई जरूरतमंद व्यापारी मदद से वंचित रह जाते हैं, इसलिए सरकार को इस नीति में बदलाव कर राहत देनी चाहिए।
कचरा प्रबंधन, कॉलेज और पेयजल योजनाओं पर जोर
ग्रामीण इलाकों के विकास का खाका खींचते हुए विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने ग्राम पंचायतों में आधुनिक ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) लागू करने, बावखळ संरक्षण परियोजना को डीपीडीसी से फंड दिलाने और वसई-नवघर एसटी डिपो के काम में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कामण क्षेत्र में युवाओं की सुविधा के लिए एक नया जूनियर कॉलेज शुरू करने और ‘जल जीवन मिशन’ के कामों की समीक्षा के लिए पालकमंत्री की अध्यक्षता में एक अलग विशेष बैठक बुलाने का सुझाव भी दिया।
विधायक ने अंत में प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, “वसई की जनता को सड़क, बिजली, पानी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाना मेरा मुख्य लक्ष्य है, और इसके लिए मेरा संघर्ष लगातार जारी रहेगा।”
इस उच्च स्तरीय बैठक में पालघर के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा, एमएलसी निरंजन डावखरे, रविंद्र फाटक, ज्ञानेश्वर म्हात्रे, विधायक राजेंद्र गावित समेत जिले की कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखर और वसई-विरार मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।