जौनपुर (तृप्ति प्रमाण ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी पर गंभीर आपराधिक आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। जिले में कार्यरत नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के विरुद्ध पुलिस ने बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मीरगंज थाना पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है।
शादी का झांसा और शारीरिक शोषण का आरोप
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मृतका की मां द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में बताया गया है कि पीड़िता श्वेता सिंह का विवाह वर्ष 2014 में बरसठी क्षेत्र में हुआ था और उसकी एक 9 साल की बेटी भी है।
आरोप है कि सुलतानपुर के अमहट कोतवाली (गोरा बारीक गांव) निवासी विवेक श्रीवास्तव का पीड़िता के घर आना-जाना था। मछलीशहर तहसील में अपनी तैनाती के समय उसने महिला को शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर उठाया आत्मघाती कदम
परिजनों का दावा है कि आरोपी के संपर्क में आने के बाद पीड़िता के अपने पति से रिश्ते खराब हो गए और वह उसके साथ रहने लगी। आरोप यह भी है कि नायब तहसीलदार द्वारा महिला का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता था। पीड़िता को घुमाने ले जाने के बहाने उसके अश्लील वीडियो बनाए गए और दबाव बनाया जाता था।
अधिकारियों और परिजनों के मुताबिक, इस लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर श्वेता सिंह ने बीती 9 मार्च को फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
निष्पक्ष जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरगंज थाना पुलिस ने आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य और प्रमाण सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर: दिलीप कुमार (ब्यूरो चीफ, जौनपुर)
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