मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास अपनी मूल पार्टी छोड़कर आए ‘गद्दारों’ से मुलाकात करने का वक्त है, लेकिन सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे देश के युवाओं और छात्रों से बात करने की फुर्सत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट को प्रभावित करने का लगाया आरोप
शनिवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री द्वारा शिवसेना (शिंदे गुट) के नवनिर्वाचित सांसदों से की गई मुलाकात पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को ‘असली शिवसेना’ मानने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
उद्धव ने सवाल उठाया, “क्या यह मुलाकात शीर्ष अदालत को डराने और दबाव बनाने का प्रयास थी? जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो ऐसी मुलाकातों का क्या औचित्य है?”
युवाओं और ‘जेन जेड’ आंदोलनों का किया समर्थन
देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को “तूफान से पहले की शांति” बताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘जेन जेड’ (Gen Z) के युवाओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ सख्ती और बेरहमी से निपट रही है।
इंस्टाग्राम से सरकार चलाने का कसा तंज
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए शासन चला रहे हैं, जबकि वे जमीन पर उतरकर परेशान युवाओं से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने से कतरा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और संविधान के दायरे में ही सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय आएगा।
(न्यूज़ पोर्टल: तृप्ति प्रमाण)