वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय में बैठक आयोजित
शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बढ़ते कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए वसई-विरार शहर महानगरपालिका के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 9 अगस्त 2026 को मनपा मुख्यालय में घाऊक कचरा निर्माताओं (Bulk Waste Generators) के लिए मार्गदर्शन एवं जनजागृति बैठक का आयोजन किया गया। महापौर अजीव पाटील एवं आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. के मार्गदर्शन और अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में प्रभाग ‘ए’ बोळींज, ‘बी’ नालासोपारा और ‘सी’ चंदनसार क्षेत्र के बड़े कचरा उत्पादकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
Solid Waste Management Rules 2026 पर चर्चा
बैठक में 1 अप्रैल 2026 से लागू नए ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ और एक्सटेंडेड बल्क वेस्ट जनरेटर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EBWGR) के तहत कचरे के वर्गीकरण पर विस्तार से जानकारी दी गई। मनपा अधिकारियों और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के विशेषज्ञों ने हाउसिंग सोसायटियों, अस्पतालों, होटलों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने तथा परिसर में ही कंपोस्टिंग और बायोगैस के जरिए प्रक्रिया करने के उपाय बताए।
कचरे के स्रोत पर ही प्रक्रिया करने की अपील
अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे ने बड़े संस्थानों से अपील की कि वे कचरे को बाहर फेंकने के बजाय उसके निर्माण स्थल पर ही संसाधित करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मनपा इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संस्थानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। घनकचरा व्यवस्थापन विभाग ने घोषणा की है कि शहर के अन्य प्रभागों में भी चरणबद्ध तरीके से ऐसी बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
संवाददाता: साहिल यादव