नई दिल्ली। पालघर जिले के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासी परिवारों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से पालघर के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सावरा ने केंद्रीय स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। सांसद डॉ. सावरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात कर पालघर में ‘जल जीवन मिशन’ के रुके हुए कार्यों के लिए तुरंत फंड जारी करने का आग्रह किया।
79% काम पूरा, लेकिन फंड मिला सिर्फ 50-52% सरकारी जल आपूर्ति ठेकेदार संघ द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, पालघर जिले में कुल 935 करोड़ रुपये की लागत से 562 नल-जल आपूर्ति योजनाएं मंजूर की गई थीं। इनमें से लगभग 79 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन फंड के अभाव में लगभग 230 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं। वित्तीय संकट के कारण कई परियोजनाओं का काम अधर में लटक गया है।
SNA-SPARSH प्रणाली बनी रुकावट सांसद डॉ. सावरा ने ध्यान दिलाया कि ‘SNA-SPARSH’ प्रणाली की तकनीकी जटिलताओं और शर्तों के कारण लगभग 472 करोड़ रुपये का केंद्रीय फंड इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि इन तकनीकी बाधाओं को तुरंत हटाया जाए अथवा पुरानी ‘PFMS’ प्रणाली के तहत फंड जारी करने की छूट दी जाए, ताकि ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में हर घर तक पीने का पानी पहुंचाया जा सके।
(स्रोत: सांसद संपर्क कार्यालय, डॉ. हेमंत विष्णु सावरा, पालघर)