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आषाढ़ी वारी में लाखों वारकरियों के लिए शुरू हुआ ‘चरण सेवा’ अभियान, 11 जिलों के 400 पड़ावों पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा |

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मुंबई। महाराष्ट्र की प्रसिद्ध आषाढ़ी वारी के दौरान पंढरपुर जाने वाले लाखों वारकरियों की सेहत का खास ख्याल रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष ने इस साल भी ‘चरण सेवा’ अभियान की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस पहल के तहत पालखी मार्ग पर वारकरियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। जिला प्रशासन, मेडिकल कॉलेजों और सेवाभावी संस्थाओं के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है।

11 जिलों के 400 पड़ावों पर तैनात रहेगी मेडिकल टीम

इस अभियान में सातारा, पुणे, सोलापुर, नाशिक, बुलढाणा, अकोला, जालना, बीड, नांदेड, धाराशिव और छत्रपति संभाजीनगर समेत 11 जिलों को शामिल किया गया है। पालखी मार्ग पर पड़ने वाले करीब 400 विश्राम स्थलों पर स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार और फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस काम के लिए 12 हजार से ज्यादा डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वयंसेवक सेवा देंगे।

पैरों की थकान दूर करने के लिए होगी आयुर्वेदिक मालिश

आषाढ़ी वारी में रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने से वारकरियों के पैरों में सूजन, दर्द और छाले हो जाते हैं। इन समस्याओं से राहत देने के लिए पालखी मार्ग पर खास इंतजाम किए गए हैं। प्रशिक्षित टीम औषधीय आयुर्वेदिक तेल से पैरों की मालिश करेगी। इसके लिए करीब 3 हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर वारकरियों को एंबुलेंस से अस्पताल भी भेजा जाएगा।

आठ स्वास्थ्य रथ करेंगे जागरूकता

स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ वारकरियों को बीमारियों से बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। आठ स्वास्थ्य जागरूकता रथों के जरिए बरसात में होने वाले संक्रामक रोगों, स्वच्छता और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा चुनिंदा जगहों पर योग सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे वारकरियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

पिछले साल डेढ़ लाख से ज्यादा वारकरियों को मिला था लाभ

मुख्यमंत्री सहायता निधि के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इस अभियान के तहत करीब 1 लाख 75 हजार वारकरियों को स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा दी गई थी। वहीं, 10 लाख से ज्यादा लोगों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया था। इस साल और ज्यादा लोगों तक सेवाएं पहुंचाने की तैयारी की गई है।

संत तुकाराम महाराज की प्रेरणा से शुरू हुई पहल

यह अभियान ‘भक्ति विठोबा की… सेवा स्वास्थ्य की’ थीम पर काम कर रहा है। संत तुकाराम महाराज के अभंग से प्रेरणा लेकर शुरू की गई इस पहल का मकसद वारकरियों की सेवा को ही विठ्ठल की सेवा मानना है। मुख्यमंत्री सहायता निधि के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने बताया कि यह अभियान वारकरियों की सेहत की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम है। उन्होंने सभी वारकरियों और दिंडी प्रमुखों से इस अभियान का पूरा लाभ उठाने की अपील की है।

संवाददाता : पराग यादव

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Rajesh