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विरार पूर्व में अवैध अतिक्रमण और जाम से परेशान नागरिक, प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग |

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विरार (तृप्ति प्रमाण न्यूज़): विरार पूर्व के चंदनसार प्रभाग समिति ‘सी’ के अंतर्गत आने वाले सहकार नगर और फूलपाड़ा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था एक गंभीर समस्या बन गई है। फेरीवालों के कब्जे और ऑटो रिक्शा चालकों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक आधार पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अवैध कब्जे से चरमराई यातायात व्यवस्था

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सब्जी विक्रेताओं और फेरीवालों ने सड़कों के दोनों ओर अस्थायी बाजार लगा रखे हैं। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा चालक भी मुख्य मार्गों पर अपनी गाड़ियां मनमर्जी से खड़ी कर देते हैं। इस अवैध कब्जे के कारण पैदल चलने वाले लोग, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है असर

नागरिकों ने चिंता जताई है कि लगातार बने रहने वाले जाम के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ट्रैफिक ब्लॉक होने की स्थिति में एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों को समय पर मंजिल तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। यदि किसी गंभीर दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति बनती है, तो इस देरी के कारण जान का खतरा बढ़ सकता है।

अन्य प्रभागों में कार्रवाई, चंदनसार में क्यों नहीं?

हाल ही में वसई-विरार महानगरपालिका के बोलींज प्रभाग द्वारा अवैध अतिक्रमण और ठेला व्यवसायियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। इसी आधार पर स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब अन्य प्रभागों में नियमों का पालन करवाया जा सकता है, तो चंदनसार प्रभाग समिति ‘सी’ के अधिकारी सहकार नगर और फूलपाड़ा में कार्रवाई करने से क्यों पीछे हट रहे हैं। नागरिकों ने मनपा आयुक्त, प्रभाग अधिकारियों और यातायात विभाग से संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है।

नगरसेविका का पक्ष और प्रशासन की चुप्पी

इस मुद्दे पर प्रभाग क्रमांक 7 की बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) नगरसेविका मीनू धनंजय झा ने बताया कि वह शुरू से ही स्थानीय नागरिकों के साथ खड़ी हैं और लगातार इस समस्या के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। उनका कहना है कि समय-समय पर ठेला व्यवसायियों पर कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन बाहरी क्षेत्रों से फेरीवाले आकर दोबारा कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए महापौर के समक्ष भी उठाया गया है, क्योंकि सड़कों पर जनता का حق है और अवैध कब्जे स्वीकार्य नहीं हैं।
वहीं, जब इस संबंध में प्रभाग समिति ‘सी’ के सहायक आयुक्त अश्विनी मोरे से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। महानगरपालिका प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते यह समस्या नहीं सुलझाई गई, तो आने वाले दिनों में यातायात की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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Rajesh