मुंबई (तृप्ति प्रमाण न्यूज़): महाराष्ट्र राज्य में प्रत्येक बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर श्रमजीवी संगठन ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विधानभवन में मुलाकात की। संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से जनजागरण
संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस मांग को लेकर एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संगठन के करीब डेढ़ लाख सदस्य मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजेंगे। इन पोस्टकार्ड्स पर संदेश लिखा गया है कि महाराष्ट्र के 18 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय केवल मुख्यमंत्री ही ले सकते हैं। इस अभियान के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड का एक विशेष फ्रेम भी भेंट किया।
शिक्षा नीति और नीति आयोग की सिफारिशों पर अमल की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नीति आयोग की उन प्रमुख सिफारिशों को प्रभावी तरीके से लागू करने का आग्रह किया है, जिनमें 18 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया है। संगठन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शिक्षा अधिकार को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना है।
मौजूद रहे प्रमुख नेता और संगठन के पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान चंद्रशेखर बावनकुले, अशोक उइके, राहुल नार्वेकर, संजय केळकर, प्रसाद लाड, किशोर जोरगेवार और राजेंद्र गावित समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि वहां उपस्थित थे।
वहीं, श्रमजीवी संगठन के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष सीताबाई घाटाल, कार्याध्यक्ष बायराम भोईर, महासचिव विजय जाधव, ठाणे जिला अध्यक्ष अशोक सापटे और पालघर जिला अध्यक्ष सुरेश रेंजड शामिल थे। संगठन ने सरकार से बच्चों के शिक्षा अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक और ठोस कदम उठाने की मांग की है।