बोईसर में ‘डीजे मुक्त गणेशोत्सव’ का संकल्प, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त |

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बोईसर, तारापुर, पास्थळ और बेटेगांव को डीजे मुक्त रखने का फैसला; ‘एक मंडल, एक पुलिसकर्मी’ व्यवस्था लागू

पालघर। सार्वजनिक गणेशोत्सव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था के दायरे में संपन्न कराने के उद्देश्य से 7 सितंबर 2026 को बोईसर पुलिस थाने में संयुक्त समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस प्रशासन, विभिन्न सरकारी विभागों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, पुलिस पाटील, पुलिस मित्र, पत्रकारों और बड़ी संख्या में गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में इस वर्ष ‘डीजे मुक्त बोईसर’ अभियान चलाने और पारंपरिक लोक वाद्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। बोईसर, तारापुर, पास्थळ और बेटेगांव क्षेत्र को डीजे मुक्त रखने का संकल्प लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक

बैठक में पालघर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, बोईसर उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश वैसाणे, बोईसर थाना प्रभारी सुनील जाधव, तारापुर थाना प्रभारी प्रवीण देशमुख, प्रभाकर राउळ सहित महावितरण, लोक निर्माण विभाग और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन पुलिस उपनिरीक्षक कमलाकर मुंडे ने किया।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर से मिलेगा अस्थायी बिजली कनेक्शन

महावितरण बोईसर के उपकार्यकारी अभियंता प्रमोद चव्हाण चौधरी ने बताया कि गणेशोत्सव अवधि को राज्य सरकार ने ‘राज्य महोत्सव’ घोषित किया है। इस वर्ष गणेश मंडलों को पारंपरिक अस्थायी बिजली कनेक्शन के स्थान पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

मंडलों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन के बाद चार घंटे के भीतर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उत्सव समाप्त होने के बाद सुरक्षा जमा राशि की वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर राशि एक माह के भीतर सीधे बैंक खाते में लौटाने की जानकारी दी गई।

आगमन-विसर्जन मार्गों पर बिजली तार और पेड़ों की शाखाएं होंगी व्यवस्थित

गणेश आगमन और विसर्जन मार्गों की सूची मंडलों द्वारा उपलब्ध कराए जाने के बाद संबंधित मार्गों पर ढीले बिजली तारों को व्यवस्थित करने तथा यातायात में बाधा बनने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई की जाएगी।

गणेशोत्सव के 11 दिनों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

गड्ढों की समस्या पर स्थायी समाधान का आश्वासन

बैठक में उपसरपंच हितेश संखे सहित अन्य गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने बेटेगांव ओवरब्रिज, बोईसर फाटा और आंतरिक सड़कों पर बने गड्ढों की समस्या उठाई।

इस पर लोक निर्माण विभाग और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों ने आगमन एवं विसर्जन मार्गों के गड्ढों को केवल मिट्टी डालकर भरने के बजाय आवश्यकता के अनुसार डामरीकरण कर स्थायी रूप से दुरुस्त करने का आश्वासन दिया।

वहीं, प्रभाकर राउळ की मांग पर विसर्जन जुलूस में बाधा न हो, इसके लिए फुटपाथ के बाहर अवैध रूप से खड़े वाहनों को गणेशोत्सव के 11 दिनों के दौरान हटाने के निर्देश दिए गए।

मंडप और ध्वनि को लेकर नियमों का पालन अनिवार्य

पुलिस प्रशासन ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही। इसके तहत सार्वजनिक गणेश मंडलों को यातायात के मुख्य मार्ग के अधिकतम एक-तिहाई हिस्से में ही मंडप स्थापित करने की अनुमति होगी।

विसर्जन मार्गों पर लगाए जाने वाले स्वागत द्वार मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि तेज हवा या बारिश के कारण दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।

सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में 75 डेसीबल से अधिक ध्वनि पर रोक संबंधी निर्देशों का पालन कराने की बात कही गई।

नियमों का उल्लंघन कर तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना और उपकरण जब्त करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

हर गणेश मंडल के साथ रहेगा एक पुलिसकर्मी

गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से ‘एक मंडल, एक पुलिसकर्मी’ व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक गणेश मंडल की सुरक्षा और समन्वय के लिए एक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

सभी मंडलों को पंडाल के भीतर और बाहर कम से कम चार से पांच CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दर्शन और विसर्जन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के साथ चेन स्नैचिंग और जेब कटने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए महिला स्वयंसेवकों को शामिल करने तथा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें रखने को कहा गया।

जबरन चंदा वसूली पर सख्त चेतावनी

पंडालों के आसपास अंधेरे वाले मार्गों पर पर्याप्त रोशनी के लिए मंडलों को हैलोजन जैसी प्रखर प्रकाश व्यवस्था करने की सलाह दी गई।

औद्योगिक क्षेत्र और स्थानीय नागरिकों से गणेशोत्सव के नाम पर किसी भी प्रकार की जबरन वर्गणी या चंदा वसूली नहीं करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई। शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही गई।

इसके अलावा विसर्जन जुलूस के दौरान किसी भी कार्यकर्ता के मद्यपान या नशे की हालत में शामिल होने पर रोक तथा गणेश मंडपों में ताश खेलने और जुआ जैसी असामाजिक गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित रखने की अपील की गई।

सर्वोत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धा की घोषणा

बैठक में ‘मुंबई तरुण भारत’ और पालघर जिला पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में ‘सर्वोत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव स्पर्धा’ की आधिकारिक घोषणा की गई।

प्रतियोगिता में अनुशासन, समय का पालन, सुरक्षा व्यवस्था, CCTV, स्वयंसेवकों की व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमा, कृत्रिम विसर्जन तालाब और सामाजिक जागरूकता जैसे मानकों के आधार पर मंडलों का मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंडलों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

गणेश मंडलों से साइबर जागरूकता फैलाने की अपील

पुलिस अधिकारियों ने गणेश मंडलों से अपने पंडालों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करने की अपील की।

अधिकारियों ने नागरिकों तक यह संदेश पहुंचाने को कहा कि ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तत्काल सरकारी हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जाए।

सादगी और पवित्रता के साथ गणेशोत्सव मनाने का आह्वान

बैठक के अंत में अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे और बोईसर उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश वैसाणे ने मार्गदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि बोईसर ने पहले भी पूरे महाराष्ट्र को नई दिशा देने वाले उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। विसर्जन जुलूस में गुलाल की जगह फूलों का उपयोग और पटाखों पर रोक जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने गणेश मंडलों से भव्यता और दिखावे से दूर रहकर सादगी, पवित्रता और प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग के साथ आदर्श गणेशोत्सव मनाने का आह्वान किया।

रिपोर्ट : पराग यादव

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