नेचुरोपैथी
चूना (कैल्शियम) के स्वास्थ्य लाभ: महिलाओं के लिए प्राकृतिक उपाय – मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी विशेषज्ञ |
चूना हमारे शरीर में जाकर 70 बीमारियों को ठीक करता है। पीलिया की बीमारी में गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस ...
गुस्सा प्रबंधन: नेचुरोपैथी विशेषज्ञ मीना अग्रवाल बता रही हैं, कैसे नियंत्रित करें क्रोध और बनाएं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत |
आगरा की नेचुरोपैथी विशेषज्ञ मीना अग्रवाल के अनुसार, गुस्सा एक स्वाभाविक भावना है लेकिन इसका सही प्रबंधन जरूरी है। जानें प्राकृतिक उपाय और मानसिक ...
सितोपलादि चूर्ण: खांसी, जुकाम और पाचन के लिए आयुर्वेदिक समर्थन |
आगरा। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं, पाचन की कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही हैं। ...
फ्रोजन शोल्डर से राहत के आयुर्वेदिक उपाय: महानारायण तेल और घरेलू नुस्खों की पूरी जानकारी |
आगरा। कंधे में दर्द और जकड़न की समस्या, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘फ्रोजन शोल्डर’ (Frozen Shoulder) और आयुर्वेद में ‘अवबाहुक शूल’ कहा जाता है, ...
होली में त्वचा की सुरक्षा के लिए नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल के प्राकृतिक उपाय |
आगरा। होली के त्योहार पर रंगों के साथ-साथ त्वचा की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल ने त्योहार से ...
डॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी: डायबिटीज प्रबंधन में नियमित पैदल चलने के वैज्ञानिक लाभ |
आगरा। नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल ने मधुमेह (डायबिटीज) प्रबंधन के संबंध में व्यावहारिक स्वास्थ्य सलाह प्रस्तुत की है। उनके अनुसार, नियमित पैदल चलना ...
पित्ताशय: शरीर का अनमोल पाचन सहायक | डॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथ|
पित्ताशय: शरीर का अनमोल पाचन सहायकडॉ. मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथ, आगरामानव शरीर में कई ऐसे अंग हैं जो पाचक रसों, हार्मोन्स या अन्य जैविक द्रव्यों ...
शंख प्रक्षालन: पाचन तंत्र की प्राकृतिक सफाई की नेचुरोपैथिक विधि |
आगरा नेचुरोपैथिक निवासी मीना अग्रवाल ने शंख प्रक्षालन क्रिया के सही अनुष्ठान विधि के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। यह प्राकृतिक प्रक्रिया ...
अनिद्रा रोग: कारण, लक्षण एवं प्राकृतिक उपचार विधियाँ |
आगरा: अनिद्रा अर्थात् नींद न आने की समस्या वर्तमान समय की एक सामान्य स्वास्थ्य चुनौती बन गई है। यह तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार ...
श्वास रोगों में विभीतकी (बहेड़ा): आयुर्वेद की वह औषधि जिसके सामने हैं सभी दवाएँ पीछे |
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ अष्टांग हृदय, चिकित्सा स्थान, अध्याय 3, श्लोक 172 में आचार्य वाग्भट ने श्वास और कास रोगों के संदर्भ में एक ...