जौनपुर। जिले के प्रतिष्ठित शहीद उमानाथ सिंह स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय (राजकीय मेडिकल कॉलेज) से अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ तैनात एक सुरक्षा गार्ड पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में चूर होकर अस्पताल परिसर में जमकर उत्पाद मचाने और तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद हरकत में आए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें सुरक्षाकर्मी के नशे में होने की पुष्टि हुई है।
मरीजों से बदसलूकी का विरोध करने पर पत्रकार से उलझा गार्ड घटनाक्रम के अनुसार, अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आए लाचार मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ उक्त गार्ड सरेआम दुर्व्यवहार कर रहा था। वहां मौजूद पत्रकार विद्याधर विद्यार्थी ने जब इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत का कड़ा विरोध किया, तो नशे में धुत गार्ड उनसे भी उलझ गया और उनके साथ तीखी कहासुनी व बदतमीजी करने लगा। मामले को बढ़ता देख पत्रकार ने इस पूरे घटनाक्रम की एक लिखित शिकायत तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.बी. कमल से की।
जांच में हुई पुष्टि, आरोपी पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड पर गिरी गाज प्राचार्य डॉ. आर.बी. कमल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत आंतरिक जांच के आदेश दिए। जांच में आरोपी गार्ड मनोज कुमार सिंह (निवासी खानापट्टी, थाना सिकरारा) के ऑन-ड्यूटी भारी नशे में होने की बात पूरी तरह सच साबित हुई। बताया गया है कि यह गार्ड भारत रक्षा मंत्रालय से संबद्ध पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से यहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था।
बर्खास्तगी के लिए भेजा गया पत्र, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मामले में कड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए प्राचार्य ने बताया कि दोषी गार्ड मनोज कुमार सिंह को सेवा से तत्काल हटाने और उसके खिलाफ सख्त विभागीय कदम उठाने के लिए पूर्व सैनिक कल्याण निगम को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है। बहरहाल, इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि जिस संवेदनशील जगह पर रोजाना हजारों गरीब मरीज उम्मीद लेकर आते हैं, वहां ऐसे गैर-जिम्मेदार और नशेड़ी कर्मियों के भरोसे सुरक्षा कैसे सुरक्षित रह सकती है?
विशेष रिपोर्ट: दिलीप कुमार (ब्यूरो चीफ), तृप्ति प्रमाण