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तृप्ति प्रमाण ब्रेकिंग: विरार में भरभराकर ढहा पुल, दो गाड़ियां नीचे गिरीं; कई गांवों का संपर्क टूटा, बड़ा हादसा टला |

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विरार।

विरार के पूर्वी क्षेत्र स्थित पारोल में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वड़घर गांव को जोड़ने वाला एक मुख्य पुल दोपहर करीब 3 बजे अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, पुल से गुजर रहे दो वाहन सीधे नीचे जा गिरे। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी सुरक्षित हैं, हालांकि दोनों गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गई हैं। पुल टूटने से इलाके के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।

भारी वाहनों के दबाव ने ली पुल की ‘बली’, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वड़घर, कालभोन, लडी और पाड़े गांवों के निवासियों का कहना है कि यह पुल अपनी क्षमता से कई गुना ज्यादा बोझ उठा रहा था। आसपास की छोटी खदानों से सूक्ष्म खनिज (माइनर मिनरल्स) लेकर रोजाना 40 से 50 ओवरलोडेड भारी ट्रक इस कमजोर पुल से गुजरते थे। लगातार बढ़ते दबाव और रखरखाव के अभाव में आखिरकार यह पुल जमींदोज हो गया।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को पत्र लिखकर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और पुल की मरम्मत करने की गुहार लगाई थी। लेकिन अधिकारियों ने इन चेतावनियों को ठंडे बस्ते में डाल दिया, जिसका खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें, 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर

पुल के पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण अब हजारों ग्रामीणों का संपर्क मुख्य रास्तों से टूट गया है। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को अपने ही गांव पहुंचने के लिए गणेशपुरी के रास्ते से होकर करीब 20 किलोमीटर का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ रहा है।

परेशान नागरिकों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मांग की है कि:

  • प्रभावित गांवों के लिए तुरंत एक वैकल्पिक (डाइवर्जन) मार्ग तैयार किया जाए।
  • आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर जल्द से जल्द नए मजबूत पुल का निर्माण शुरू हो।
  • क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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Rajesh