नशा मुक्त समाज से ही संभव है विकसित भारत का निर्माण
जौनपुर के उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर. बी. कमल के निर्देशों तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) ए. ए. जाफरी की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” रखा गया, जिसके जरिए युवाओं को नशामुक्त रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
शरीर के साथ परिवार को भी खोखला करता है नशा
संबोधन के दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर. बी. कमल ने बताया कि बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, शराब या कोई भी अन्य मादक पदार्थ एक धीमे जहर की तरह काम करता है। यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाता है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसका शिकार केवल सेवन करने वाला व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार और समाज भी बनता है।
2047 के विकसित भारत के लिए युवाओं का स्वस्थ होना जरूरी
कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश को मजबूत बनाने का एक जन-आंदोलन है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में नशामुक्त और जागरूक युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर
टोबैको सेसेशन सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार और मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद वर्मा ने बताया कि नशीले पदार्थों के प्रयोग से शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता घटती है। साथ ही तनाव, डिप्रेशन, नींद न आना और व्यवहार में चिड़चिड़ापन जैसी मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग, संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी हैं।
इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से संभव है नशा मुक्ति
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार एवं सीनियर रेजिडेंट डॉ. ज्योति प्रकाश ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन व मनोचिकित्सा विभाग में नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए परामर्श और उपचार उपलब्ध है। यदि व्यक्ति स्वयं नशा छोड़ने का पक्का इरादा कर ले और उसे परिवार का सहयोग मिले, तो डॉक्टरी सलाह से नशे की लत को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. सी.बी.एस. पटेल, डॉ. आदर्श कुमार यादव, डॉ. मुदित चौहान, डॉ. अचल सिंह, डॉ. चंद्रभान, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. अजय यादव, डॉ. अवधेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. पंकज कुमार सहित अनेक चिकित्सक, मरीज और उनके परिजन उपस्थित रहे।
(रिपोर्ट: शंभू, जौनपुर – तृप्ति प्रमाण)