लगातार सात दिनों से चल रहा अभियान; आंख, नाक, दांत और कुपोषण से संबंधित स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरतमंद बच्चों को ओपीडी में परामर्श लेने की सलाह
जौनपुर | रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण
जौनपुर में बच्चों के स्वास्थ्य की समय रहते पहचान और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। महाविद्यालय के चिकित्सकों और कर्मचारियों की टीम ने गोद लिए गए गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के लगभग 600 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अभियान लगातार पिछले सात दिनों से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है।
प्रधानाचार्य के निर्देशन में संचालित अभियान
यह अभियान महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ.) आर.बी. कमल के निर्देशन में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसमें विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्चों की आंख, नाक और दांत से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ कुपोषण की संभावित स्थिति की भी स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान जिन बच्चों में बीमारी के संभावित लक्षण दिखाई दिए, उन्हें आगे की समुचित जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के लिए मेडिकल कॉलेज जौनपुर की ओपीडी में आने की सलाह दी गई।
बच्चों का स्वास्थ्य स्वस्थ समाज की नींव: प्रधानाचार्य
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर.बी. कमल ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ जीवन ही स्वस्थ समाज की नींव है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में ऐसे स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने का उद्देश्य बच्चों में बीमारियों की समय रहते पहचान करना, उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों का विशेष योगदान
इस स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान में डॉ. मुदित चौहान, डॉ. पूजा पाठक, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. आदर्श और डॉ. अंकित कुमार ने योगदान दिया। इनके साथ एमएसडब्ल्यू रमाकान्त यादव तथा एमबीबीएस बैच 2023 के छात्र देवेश गुप्ता, हेमन्त कुमार गौतम, महिमा चौधरी, मयंक पटेल और पुष्पमित्र द्विवेदी ने भी अभियान में विशेष भूमिका निभाई।
ग्रामीण विद्यालयों में इस तरह के स्वास्थ्य जांच अभियान से बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की समय रहते पहचान करने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।




