वसई/पालघर (तृप्ति प्रमाण): खानिवडे टोल नाके पर टोल प्रशासन द्वारा टेम्पो चालकों और वाहन मालिकों से की जा रही भारी भरकम वसूली ने स्थानीय परिवहन व्यवसाय को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस मनमानी के खिलाफ अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और टेम्पो चालक सड़क पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पार्टी ने 26 जून 2026 को खानिवडे टोल नाके पर बड़े ‘रास्ता रोको’ आंदोलन का ऐलान किया है।
मासिक पास की जगह प्रति फेरी वसूला जा रहा भारी टोल
भाकपा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पहले टेम्पो चालकों के लिए मासिक पास की सुविधा मात्र 300 रुपये में उपलब्ध थी। लेकिन अब टोल प्रशासन ने नियम बदलकर हर एक फेरी पर 315 रुपये तक टोल वसूलना शुरू कर दिया है। एक टेम्पो चालक जो दिन भर में कई फेरे लगाता है, उसे अब सैकड़ों रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। इससे आम श्रमिक वर्ग और छोटे परिवहन व्यवसायियों की कमर टूट गई है।
5 दिन का अल्टीमेटम और लाल बावटा संघटना की नई टीम
खानिवडे में हाल ही में आयोजित एक बड़ी सभा में सैकड़ों टेम्पो चालकों ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। इस दौरान ‘लाल बावटा टेम्पो चालक-मालक संघटना’ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसकी कमान कॉमरेड सौरभ ठाकरे को सौंपी गई है। वक्ताओं ने साफ़ चेतावनी दी है कि टोल दरों में इस अचानक और बेबुनियाद वृद्धि का कोई वैध दस्तावेज़ सार्वजनिक किया जाए, वरना इस सिस्टम को तुरंत खत्म किया जाए। इसके लिए टोल प्रबंधन को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
26 जून को होगा निर्णायक ‘रास्ता रोको’ आंदोलन
भाकपा के तालुका सचिव कॉमरेड अनिरुद्ध मेहेर ने बताया कि अगर 5 दिनों के भीतर मांगें नहीं मानी गईं, तो 26 जून को शांतिपूर्ण लेकिन बेहद प्रभावशाली ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन की सूचना पुलिस और जिला प्रशासन को दे दी गई है। यह लड़ाई कॉमरेड सौरभ ठाकरे (जिला अध्यक्ष, लाल बावटा) और कॉमरेड शेरू वाघ (जिला परिषद सदस्य) के मार्गदर्शन में लड़ी जाएगी।