कोंकण रेलवे की ‘सृजन के रंग’ गोष्ठी में साहित्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने बांधा समां |

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राजभाषा पखवाड़े के तहत आयोजित कला गोष्ठी में रचनाकारों ने कविता, लघुकथा, संस्मरण और लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं

मुंबई: कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के राजभाषा विभाग की ओर से आयोजित ‘सृजन के रंग’ कला गोष्ठी में साहित्य और संगीत की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस गोष्ठी में मुंबई और नवी मुंबई के विभिन्न रचनाकारों ने अपनी रचनाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को भावविभोर किया।

27 सितंबर 2026 को बेलापुर स्थित पंचशील विश्राम गृह परिसर में आयोजित इस कला गोष्ठी की अध्यक्षता कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कुमार झा ने की।

कार्यक्रम में विभिन्न रचनाकारों ने कविता के साथ-साथ लघुकथा, संस्मरण और लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं। इसमें वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अमरीश सिन्हा, संतोष कुमार झा, श्रीमती रागिनी शाह, डॉ. अलका अग्रवाल सिग्तिया, डॉ. शैलेश श्रीवास्तव और आनंद प्रकाश सिंह शामिल रहे।

इसके अलावा वरिष्ठ गीतकार गजानन महतपुरकर, वरिष्ठ अभिनेता एवं कवि रवि यादव, वरिष्ठ संगीतकार एवं गायक सरोज सुमन, रेडियो जॉकी एवं साहित्यकार शिल्पा राठी, स्टैंड अप कॉमेडियन एवं कवयित्री डॉ. ऋचा श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार रमेश मिश्रा, कोंकण रेलवे के राजभाषा अधिकारी सदानंद चितळे तथा परमाणु ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कवि प्रिंस ग्रोवर ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।

साहित्य और संगीत जीवन को देते हैं ऊर्जा: संतोष कुमार झा

अपने अध्यक्षीय संबोधन में संतोष कुमार झा ने कहा कि साहित्य और संगीत हमारे जीवन को सुरुचिपूर्ण बनाते हैं तथा चुनौतियों से लड़ने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने गोष्ठी में शामिल सभी कलाकारों और रचनाकारों का कोंकण रेलवे की ओर से आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन मुंबई के मंच संचालक प्रिंस ग्रोवर ने किया। उनकी प्रस्तुति और संचालन ने कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।

गोष्ठी के सफल आयोजन में कोंकण रेलवे के राजभाषा अधिकारी सदानंद चितळे के साथ राजभाषा विभाग के वरिष्ठ कार्मिक सतीश धुरी और सुश्री प्रिया निकेत ने प्रमुख भूमिका निभाई।

रिपोर्ट: सैय्यद जाहिद अली रियासत
राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक ‘तृप्ति प्रमाण’

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