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बिजली संकट पर भड़की मनसे: बोईसर में MSEB को अल्टीमेटम, 5 अगस्त तक सुधार नहीं हुआ तो ठप होगा कामकाज |

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संवाददाता : पराग यादव

पालघर:

बोईसर (पूर्व) क्षेत्र में पिछले लंबे समय से जारी बिजली की भारी किल्लत और अघोषित कटौती को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। जनता की इसी गंभीर समस्या को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अब सीधे बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मनसे के पालघर उपतालुका अध्यक्ष सत्यम मिथिलेश मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (एमएसईबी) के कार्यकारी अभियंता और उपकार्यकारी अभियंता से मुलाकात की। इस बैठक में मनसे पदाधिकारियों ने अधिकारियों को क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था से रूबरू कराते हुए जमकर क्लास लगाई।

वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से जनता त्रस्त, दैनिक जीवन बेपटरी

मनसे नेता सत्यम मिथिलेश मिश्रा ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि बोईसर (पूर्व) के इलाकों में बार-बार बत्ती गुल होना आम बात हो गई है। लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की लुकाछिपी के कारण लोगों के घरों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंक रहे हैं। इस तकनीकी लापरवाही की वजह से आम नागरिकों का रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। उन्होंने एमएसईबी प्रशासन से इन सभी तकनीकी खामियों को तुरंत दूर कर बिजली आपूर्ति को नियमित और स्थायी रूप से बहाल करने की सख्त मांग की।

साईनगर में मंडरा रहा बड़ा खतरा, जर्जर पोल बदलने की मांग

बिजली कटौती के साथ-साथ मनसे ने बैठक में सुरक्षा का एक बड़ा मुद्दा भी उठाया। सत्यम मिश्रा ने बताया कि साईनगर इलाके में बिजली के कई सीमेंट वाले खंभे (पोल) पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार न करे, बल्कि इन खतरनाक हो चुके पोलों को युद्ध स्तर पर तुरंत बदले। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार खुशाल जैन, मनसे के सक्रिय सैनिक वसंत रमेश थारसे सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

5 अगस्त तक का समय, वरना भुगतना होगा अंजाम

एमएसईबी की ढीली कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए मनसे उपतालुका अध्यक्ष सत्यम मिथिलेश मिश्रा ने बिजली विभाग को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 5 अगस्त 2026 तक बोईसर (पूर्व) की बिजली समस्याओं को ठीक नहीं किया गया और साईनगर के खतरनाक पोल नहीं बदले गए, तो मनसे स्थानीय जनता को साथ लेकर एमएसईबी कार्यालय के बाहर उग्र धरना-प्रदर्शन करेगी। मिश्रा ने साफ लफ्जों में कहा कि इस आंदोलन के दौरान यदि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ एमएसईबी प्रशासन की होगी।

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Rajesh