तृप्ति प्रमाण | वसई-विरार ब्यूरो
नालासोपारा: वसई-विरार क्षेत्र के नालासोपारा में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई बिना वैध मेडिकल डिग्री और प्रमाणपत्र के चिकित्सा व्यवसाय संचालित करने की शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से बिना किसी मान्यता के मरीजों का इलाज कर रहे थे और उनसे दवाइयां तथा इंजेक्शन देने के नाम पर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।
स्वास्थ्य अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह कार्रवाई वसई-विरार शहर महानगरपालिका के आचोले नागरिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत वैद्यकीय अधिकारी डॉक्टर सुधीर यशवंतराव पांढ़रे की शिकायत पर की गई है। शिकायत मिलने के बाद आचोले पुलिस ने अशोक कुमार अमरनाथ तिवारी और समीरकुमार बागची के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है।
दो अलग-अलग क्लिनिकों में की गई जांच
पुलिस के अनुसार, 15 जून की सुबह आदर्श कॉलोनी स्थित माँ जीवदानी हेल्थ केयर सेंटर और शिर्डीनगर स्थित चाँदसी क्लिनिक में संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों क्लिनिक संचालकों के पास चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए कोई मान्यता प्राप्त डिग्री, पंजीकरण या वैध प्रमाणपत्र मौजूद नहीं था। इसके बावजूद वे मरीजों को दवाइयां लिख रहे थे और इंजेक्शन लगाकर उपचार कर रहे थे।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
आचोले पुलिस ने इस गंभीर अपराध को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27 और मुंबई नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1949 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच जारी है
इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक दीपक कुमार के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी कब से यह फर्जी चिकित्सा व्यवसाय चला रहे थे और अब तक कितने मरीजों का उपचार कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी चिकित्सक से उपचार कराने से पहले उनकी डिग्री और मेडिकल काउंसिल के पंजीकरण की पूरी जानकारी अवश्य जांच लें।