नालासोपारा में बढ़ी तनातनी:
वसई-विरार के नालासोपारा पश्चिम में शनि मंदिर परिसर के निकट स्थित गौशाला पर की गई तोड़क कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। इस विवाद के बीच गौशाला से जुड़े आशुतोष मिश्रा ने एक प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा है, वहीं दूसरी ओर महानगरपालिका ने अपनी कार्रवाई को जायज ठहराया है। इसी कड़ी को लेकर अब विभिन्न हिंदू संगठनों ने 7 जून को बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।
आशुतोष मिश्रा का पक्ष- गौ सेवा के लिए बना था शेड:
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आशुतोष मिश्रा ने महानगरपालिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 29 मई को जिस गौशाला पर बुलडोजर चला, वह किसी जमीन पर कब्जा करने के लिए नहीं, बल्कि गौ माता की सेवा और संरक्षण के लिए स्थानीय हिंदू समाज द्वारा बनाया गया था।
मिश्रा ने गौशाला की शुरुआत की कहानी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 की बारिश के मौसम में एक गंभीर रूप से बीमार गाय शनि मंदिर क्षेत्र में लावारिस हालत में पड़ी थी। स्थानीय निवासियों ने उसकी जान बचाई और डॉक्टरों से उपचार कराया। उन्होंने दावा किया कि उपचार के दौरान गाय के पेट से लोहे के टुकड़े, स्क्रू और बड़े पत्थर निकाले गए थे। करीब एक महीने के उपचार के बाद, गाय को धूप और बारिश से बचाने के लिए एक छोटे शेड की आवश्यकता पड़ी, जिसके बाद इस गौशाला की शुरुआत हुई। मिश्रा ने आरोप लगाया कि तोड़क कार्रवाई के दौरान गौ माता को चोट पहुंची और उनका खून बहा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू समाज संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही अपनी लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त से अपील की कि यदि प्रशासन को जमीन हड़पने का शक है, तो वह गौशाला का संचालन अपने हाथ में ले ले, लेकिन गौ सेवा को बंद नहीं किया जाना चाहिए।
महानगरपालिका का दावा- अवैध कब्जा, गायों को नहीं पहुंचा कोई नुकसान:
वहीं, दूसरी ओर वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) ने अपने रुख को पूरी तरह से स्पष्ट किया है। महानगरपालिका के अनुसार, 29 मई को नालासोपारा-विरार लिंक रोड स्थित शनि मंदिर के पास सरकारी जमीन पर बने एक अवैध पत्रा शेड को हटाया गया था। प्रशासन का कहना है कि संबंधित पक्ष वैध अनुमति से जुड़े कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका था। महानगरपालिका ने गौ माता को चोट पहुंचने के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पहले सभी गायों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और किसी भी पशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
7 जून को होगा बड़ा आंदोलन:
गौशाला पर हुई इस कार्रवाई और गौवंश को चोट पहुंचने के लगाए गए आरोपों को लेकर क्षेत्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि 7 जून को बड़ी संख्या में वसई-विरार शहर महानगरपालिका के मुख्यालय के बाहर धरना और आंदोलन किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सभी की निगाहें अब 7 जून को होने वाले आंदोलन पर टिकी हुई हैं।