नालासोपारा (तृप्ति प्रमाण): आचोले पुलिस ने छह माह पूर्व रहस्यमय ढंग से लापता हुए एक युवक की हत्या का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने युवक की हत्या के बाद उसका शव जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया था। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
छह माह पहले घर से निकले थे युवक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नालासोपारा पूर्व स्थित वैतीवाड़ी के निवासी 34 वर्षीय रवि प्रेमसिंह विडलान 26 जनवरी 2026 को अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके नहीं लौटने पर उनके भाई पंकज प्रेमसिंह विडलान ने आचोले थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तकनीकी जांच और मुखबिरों की ली मदद
मामले की गंभीरता को देखते हुए आचोले पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सूचनाओं के आधार पर छानबीन की और कई जिलों व राज्यों के लापता व्यक्तियों और दुर्घटनाओं के रिकॉर्ड खंगाले। करीब छह महीने की मशक्कत के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला कि रवि की हत्या की जा चुकी है।
लोहे की रॉड से वार कर जलाया था शव
गिरफ्तार मुख्य आरोपी 25 वर्षीय सुमित उर्फ बा आजाद सारसर ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके साथियों रोहन उर्फ टाइगर संजय जाधव (22), करण शंकर शेटियार (24) और उत्कर्ष आनंद अवस्थसल (18) के साथ मिलकर उसने रवि की हत्या की।
आरोपियों ने रवि को एक इमारत की छत पर बुलाया और लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया। हत्या के बाद शव को एक गड्ढे में डालकर आग लगा दी, ताकि शव की पहचान मिटाई जा सके।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
आचोले पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103 (हत्या) और 238 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस आयुक्त निवेत कौशिक और पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर के निर्देशन में आचोले थाने की टीम ने यह सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार मामले की आगामी जांच जारी है।