नालासोपारा

नालासोपारा: पेल्हार के साड़ी कंपाउंड में रासायनिक प्रदूषण का तांडव, नीले रंग में बदला नाले का पानी, MPCB जांच की मांग |

न्यूज़ पोर्टल: तृप्ति प्रमाण

नालासोपारा। वसई-विरार शहर के नालासोपारा पूर्व स्थित पेल्हार के साड़ी कंपाउंड क्षेत्र से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ संचालित औद्योगिक इकाइयों द्वारा बिना किसी ट्रीटमेंट के रासायनिक कचरा सीधे खुले नाले में बहाया जा रहा है। इस केमिकल प्रदूषण के कारण नाले का पानी पूरी तरह से नीले रंग में तब्दील हो गया है, जबकि आसपास के आवासीय इलाकों में तीखी और जहरीली दुर्गंध फैलने से निवासियों का जीना दूभर हो गया है।

प्लास्टिक व केमिकल फैक्ट्रियों की मनमानी, जैव-विविधता पर मंडराया संकट

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के प्राकृतिक जलस्रोत में यहाँ की प्लास्टिक निर्माण कंपनियां अपने संयंत्रों का केमिकल युक्त गंदा पानी मिला रही हैं। बिना शोधन प्रक्रिया (ट्रीटमेंट) के छोड़े जा रहे इस अपशिष्ट से नाले में मौजूद जलीय जीवों, जड़ी-बूटियों और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र (Ecology) को गंभीर नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों को डर है कि इस जहरीली हवा और पानी के कारण क्षेत्र में त्वचा और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।

बीजेपी नेता ब्रमदेव सिंह राजन का मनपा पर तीखा हमला

इस गंभीर मुद्दे पर भाजपा नेता ब्रमदेव सिंह राजन ने वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनपा के ढुलमुल रवैये और नियमित निगरानी न होने के कारण ही ये कंपनियां निर्भीक होकर जहर घोल रही हैं। उन्होंने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) से तत्काल नाले के पानी के नमूने लेकर लैब जांच कराने, अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने तथा नालों की तुरंत सफाई कराने की मांग की है।

संपर्क करने पर भी जिम्मेदारी से भागे सहायक आयुक्त

मामले में महानगरपालिका का पक्ष जानने के लिए जब ‘तृप्ति प्रमाण’ की ओर से आरोग्य विभाग के सहायक आयुक्त जितेंद्र नाईक से टेलीफोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने दो से तीन बार कॉल किए जाने के बावजूद फोन काट दिया और आधिकारिक बयान देने से बचते नजर आए। अधिकारियों का यह रवैया कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

Sanjay Jaiswal

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